टीबी मुक्त राजस्थान: स्क्रीनिंग, जांच और उपचार में तेजी लाने के निर्देश, 6,547 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त

​जयपुर, 20 अगस्त/ नरेश गुनानी/राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को गति देने के लिए राज्य सरकार ने स्क्रीनिंग, जांच और उपचार के दायरे को और अधिक सघन करने के निर्देश दिए हैं। शासन सचिवालय में आयोजित ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर जिला स्तर पर प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। यह अभियान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।

​जांच और उपचार रणनीति पर जोर

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि टीबी की समय पर पहचान के लिए सभी उपलब्ध एक्स-रे संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाए और न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT) की संख्या बढ़ाई जाए।

  • ​टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT): टीबी रोगियों के समुचित उपचार के साथ-साथ उनके परिवार के पात्र सदस्यों की अनिवार्य स्क्रीनिंग और आवश्यकतानुसार प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट उपलब्ध कराया जाए।
  • ​डिफरेंशिएटेड टीबी केयर: बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की कार्यप्रणाली को मॉडल बनाकर पिछड़े जिलों के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
  • ​जनभागीदारी का विस्तार: अभियान को गति देने के लिए माय भारत (MY Bharat) स्वयंसेवकों, ब्लॉक स्तर पर एनसीसी कैडेट्स, एएनएम, आशा सहयोगिनी और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

​प्रदेश में अभियान की प्रगति और प्रमुख आंकड़े

बैठक में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में दर्ज की गई प्रगति का विवरण रखा:

  • ​टीबी मुक्त ग्राम पंचायतें: वर्ष 2022 में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या मात्र 29 थी, जो 2023 में 586, 2024 में 3,350 और 2025 में बढ़कर 6,547 तक पहुंच गई है।
  • ​सघन स्क्रीनिंग: राज्यभर में अब तक 2 करोड़ 38 लाख 43 हजार 583 नागरिकों की टीबी स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है।
  • ​पोषण सहायता: उपचाराधीन टीबी मरीजों को 2 लाख 4 हजार 888 पोषण किट वितरित की गई हैं।
  • ​एक्स-रे लक्ष्य: वर्ष 2026 में एक्स-रे उपयोग की क्षमता लक्ष्य के मुकाबले 83 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।

​जांच का बुनियादी ढांचा

प्रदेश में वर्तमान में 643 NAAT लैब्स, 132 हैंड-हेल्ड एक्स-रे यूनिट्स और 652 फिक्स्ड एक्स-रे मशीनें कार्यरत हैं। इनके माध्यम से अब तक 3.29 लाख से अधिक NAAT टेस्ट और 35.87 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की जा चुकी हैं।

​बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक डॉ. जोगा राम सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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