गौरव कोचर
जयपुर। पुलिस थाना झोटवाड़ा ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के सरगना विरेन्द्र सिंह सहित तीन बदमाशों को बापर्दा गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पूर्व में करीब 3 दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त वाहन और एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं।
वारदात का विवरण और पुलिस कार्रवाई
घटना के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 को परिवादी ओमप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खिरणी फाटक रोड स्थित एसबीआई एटीएम पर पैसे निकालने के दौरान दो युवकों ने उन्हें गुमराह कर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और खाते से पैसे निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशान्त किरण के निर्देशानुसार एक विशेष टीम का गठन किया गया।
राजेश गुप्ता (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, पश्चिम) और आलोक सैनी (सहायक पुलिस आयुक्त, झोटवाड़ा) के निर्देशन में थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों का रूट चार्ट तैयार किया गया और करीब 450 किलोमीटर पीछा कर आरोपियों को दबोच लिया गया।
पुलिस टीम:
राजेन्द्र सिंह (निरीक्षक), सुनिल चौहान (सउनि), बलराम (हैड कानि), मालीराम (हैड कानि), अमित (कानि), गजानन्द (कानि) एवं दिनेश (हैड कानि तकनीकी सहायक)।
जेल में बनी ‘SVS’ गैंग और कोडवर्ड का खेल
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना विरेन्द्र सिंह पहले भी एटीएम ठगी के मामलों में जेल जा चुका है। जेल के दौरान ही उसकी मुलाकात सोनू वैष्णव और सद्दाम से हुई। जमानत पर बाहर आने के बाद तीनों ने मिलकर ‘SVS’ (Sonu, Virendra, Saddam) नाम से एक गैंग बनाई। ये बदमाश आपस में बात करने के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में करीब दो दर्जन वारदातें करना स्वीकार किया है।
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
यह गैंग भरतपुर के सेवर तिराहे पर इकट्ठा होकर वारदात की योजना बनाती थी। इसके बाद किसी शहर को चुनकर वहां एटीएम बूथ के पास रेकी करते थे। इनका मुख्य निशाना बुजुर्ग व्यक्ति, महिलाएं और बच्चे होते थे। मदद के बहाने एटीएम के अंदर घुसकर ये बातों ही बातों में कार्ड बदल लेते थे और वहां से फरार होकर दूसरे एटीएम से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस से बचने के लिए ये मुख्य सड़कों के बजाय गलियों का इस्तेमाल करते थे और ठगी की राशि से बड़े शहरों के होटलों में रुककर ऐशो-आराम करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- विरेन्द्र सिंह (25): निवासी रामपुरा, थाना सेवर, जिला भरतपुर (गैंग सरगना)।
- सोनू वैष्णव (23): निवासी नदबई, जिला भरतपुर (हाल गांधी नगर, भरतपुर)।
- सद्दाम (26): निवासी बलराम नगर, लोनी, जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य कई बड़ी वारदातों के खुलने की संभावना है।