झालावाड़: मोबाइल बैटरी और जमीन के विवाद में नृशंस हत्या, पुलिस ने 5 दिन में सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी

गौरव कोचर 

झालावाड़। झालावाड़ जिले की पनवाड़ थाना पुलिस ने हरीगढ़ गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महज एक मोबाइल की बैटरी और खेती के मुनाफे के मामूली विवाद ने 70 वर्षीय बुजुर्ग की जान ले ली। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर आरोपी जितेंद्र भील को धर दबोचा है।

खेत पर मिला था बुजुर्ग का शव

​पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, यह मामला 30 अप्रैल 2026 को सामने आया था। सावरिया भील ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पिता रामगोपाल (70) मवेशी चराने खेत पर गए थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। जब परिजन तलाश करते हुए खेत पर पहुँचे, तो रामगोपाल का लहूलुहान शव मिला। उनके चेहरे और सिर पर कुल्हाड़ी से वार के गहरे निशान थे।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी जाकिर हुसैन के नेतृत्व में एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के लिए यह एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ (अंधा कत्ल) था, क्योंकि मौके पर कोई चश्मदीद नहीं था।

शराब, जमीन और बैटरी: हत्या की वजह

​पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि हत्या का मुख्य कारण आपसी विवाद और शराब का नशा था। आरोपी जितेंद्र और मृतक रामगोपाल एक ही समाज के थे और उनके खेत भी आसपास थे। विवाद के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • जमीन का मुनाफा: आरोपी जितेंद्र की हिस्सेदारी वाली जमीन रामगोपाल जोतता था। इसके मुनाफे की कुछ राशि को लेकर दोनों के बीच अनबन थी।
  • मोबाइल बैटरी का विवाद: कुछ दिन पहले आरोपी ने अपनी मोबाइल बैटरी चार्ज करने के लिए रामगोपाल को दी थी, जो वापस नहीं मिली थी।
  • शराब का नशा: आरोपी जितेंद्र शराबी प्रवृत्ति का है और परिजनों द्वारा निकाले जाने के बाद खेत पर टापरी बनाकर रहता था।

​घटना के दिन शराब के नशे में इन मुद्दों को लेकर बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आवेश में आकर जितेंद्र ने पास रखी कुल्हाड़ी से रामगोपाल के चेहरे और ललाट पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

विशेष टीम ने इस तरह दबोचा आरोपी

​अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द्र मीणा और वृत्ताधिकारी गरिमा जिंदल के मार्गदर्शन में पुलिस ने संदिग्धों की सूची बनाई। तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय मुखबिरों की मदद से जितेंद्र भील की गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, जहां पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

कार्यवाही में शामिल टीम:

पनवाड़ थानाधिकारी जाकिर हुसैन, खानपुर थानाधिकारी रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल दिनेश मीणा, जतन सिंह और नरेंद्र कुमार ने इस गुत्थी को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद करने का प्रयास कर रही है।

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