रांची/ गौरव कोचर
झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे हैं। विधानसभा में स्पष्ट बहुमत और पर्याप्त संख्याबल होने के बावजूद सत्तारूढ़ INDIA (इंडी) गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी नीत NDA (एनडीए) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी (नाथवानी) ने क्रॉस वोटिंग के सहारे बाजी मार ली है।
दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने आसानी से जीत दर्ज की है। इस हार के बाद अब इंडी गठबंधन के अंदरूनी मतभेद और घमासान खुलकर सतह पर आ गए हैं।
क्या रहे चुनाव के अंतिम नतीजे?
झारखंड विधानसभा के सभी 81 विधायकों ने इस चुनाव में मतदान किया, जिसमें से 3 वोट अमान्य (रद्द) घोषित कर दिए गए। रद्द हुए वोटों में 2 बीजेपी के और 1 कांग्रेस का था। वैध 78 वोटों की गिनती के बाद परिणाम इस प्रकार रहे:
|
उम्मीदवार |
पार्टी / समर्थन |
मिले वोट |
नतीजा |
|---|---|---|---|
|
बैद्यनाथ राम |
JMM (INDIA गठबंधन) |
30 |
विजयी |
|
परिमल नथवानी |
निर्दलीय (NDA समर्थित) |
28 |
विजयी |
|
प्रणव झा |
कांग्रेस (INDIA गठबंधन) |
20 |
❌ पराजित |
जीत का गणित: राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की आवश्यकता थी। एनडीए के पास अपने सिर्फ 24 विधायक थे, लेकिन नथवानी ने जादुई आंकड़ा (28) छू लिया, जबकि मजबूत संख्याबल वाली कांग्रेस महज 20 वोटों पर सिमट गई।
कैसे पलटा पूरा समीकरण? संख्याबल बनाम क्रॉस वोटिंग
झारखंड विधानसभा में दलों की स्थिति के अनुसार यह मुकाबला पूरी तरह इंडिया गठबंधन के पक्ष में था:
- INDIA गठबंधन का संख्याबल: JMM, कांग्रेस, आरजेडी और वाम दलों को मिलाकर गठबंधन के पास कुल 56 विधायक थे। दो सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए उन्हें कुल 56 (28 + 28) वोटों की ही जरूरत थी। यानी गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए बिल्कुल सटीक आंकड़ा मौजूद था।
- NDA का संख्याबल: बीजेपी और सहयोगियों को मिलाकर एनडीए के पास केवल 24 विधायक थे, जो जीत के आंकड़े से 4 कम थे।
खेल कहां बिगड़ा?
नतीजों से साफ है कि इंडिया गठबंधन के खेमे में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई है। एनडीए समर्थित परिमल नथवानी गठबंधन के वोटों में सेंध लगाने में कामयाब रहे। इसके अलावा 3 वोट अमान्य होने से भी कांग्रेस का गणित पूरी तरह बिगड़ गया।
इंडी गठबंधन में घमासान: किसने किसको दिया ‘धोखा’?
इस करारी और अप्रत्याशित हार के बाद इंडिया गठबंधन के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है:
- कांग्रेस का सहयोगियों पर आरोप: झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने इस हार के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वामपंथी दल (भाकपा-माले) के विधायकों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी 16 विधायकों ने अपनी पार्टी को वोट दिया और JMM के भी 4 वोट उन्हें मिले। लेकिन बाकी सहयोगियों ने ऐन वक्त पर धोखा दे दिया।
- सहयोगियों का पलटवार: आरजेडी विधायक सुरेश पासवान और भाकपा-माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके विधायकों ने पूरी ईमानदारी से कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि वे बाहरी लोगों पर आरोप लगाने के बजाय अपने आंतरिक अंतर्कलह और विधायकों को एकजुट न रख पाने की नाकामी को देखें।
परिमल नथवानी की ऐतिहासिक चौथी पारी
इस जीत के साथ ही देश के दिग्गज बिजनेसमैन और राजनीतिक रणनीतिकार परिमल नथवानी चौथी बार राज्यसभा पहुंच गए हैं।
- इससे पहले वह साल 2008 से 2020 तक लगातार दो बार झारखंड से ही निर्दलीय राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं।
- इसके बाद 2020 में उन्होंने आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था।
- 2026 के इस चुनाव में जीत के साथ ही वे फिर से अपनी ‘कर्मभूमि’ झारखंड लौट आए हैं। जीत के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए के सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया।
वहीं बीजेपी ने इस नतीजे पर तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस ने “जीती हुई बाजी अपने हाथों से हार दी है” और यह परिणाम दिखाता है कि गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर कितना भारी असंतोष है।