ज्योतिषाचार्य रविन्द्राचार्य को “सिल्वर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड” से नवाजा गया
जयपुर में हुए भव्य ‘ज्योतिष महाकुंभ’ में देशभर के 1100 ज्योतिषाचार्यों को किया गया सम्मानि
– टेलीग्राफ टाइम्स संवाददाता, जयपुर
By : लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 27,2025
जयपुर, 27 जुलाई 2025
राजधानी जयपुर एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना और ज्योतिषीय विद्वत्ता का केंद्र बनी, जहां आयोजित हुए ‘ज्योतिष महाकुंभ एवं आध्यात्म सम्मान समारोह’ में देशभर से पधारे नामचीन ज्योतिषाचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस भव्य आयोजन में ज्योतिषाचार्य रविन्द्राचार्य को ‘सिल्वर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
यह आयोजन रघुनाथ धाम ज्योतिष एवं आध्यात्म शोध संस्थान के तत्वावधान में होटल रजवाड़ा रिजॉर्ट, वैशाली नगर, थाना परिसर में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वामी सौरभ राघवेंद्राचार्य जी ने की। समारोह में संस्थान के अध्यक्ष गोपाल भाई ने रविन्द्राचार्य जी को उनकी सटीक भविष्यवाणियों और ज्योतिषीय योगदान के लिए मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर आध्यात्म और ज्योतिष जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ मंचासीन रहीं।
मुख्य अतिथियों में –
- जयपुर त्रिवेणी धाम के जगतगुरु स्वामी रामरिछपालदास देवाचार्य महाराज,
- अघोरी बाबा शैलेंद्र नाथ महाराज (माँ कामाख्या उपासक),
- पंडोखर सरकार पीठाधीश्वर पं. गुरुशरण शर्मा,
- निवाई किन्नर समाज पीठाधीश्वर तनीषा सनातनी,
- लाल किताब विशेषज्ञ गुरुदेव जी.डी. वशिष्ठ,
- पर्चा विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य राजकुमार शर्मा (टोंक),
- वैदिक कुंडली विशेषज्ञ देवज्ञ अनिल वत्स,
- ज्योतिषाचार्य पं. राज शर्मा,
- डॉ. अजय भांबी (दिल्ली),
- आचार्य दिनेश गुरुजी (इंदौर),
- सामुद्रिक व नष्टजातकम् विशेषज्ञ कैप्टन लेखराज शर्मा,
- कर्मकांड विशेषज्ञ डॉ. शुभेष शर्मन (दिल्ली),
- डॉ. नंदकिशोर पुरोहित शामिल रहे।
कार्यक्रम में देशभर से आए 1100 से अधिक ज्योतिषाचार्यों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल ज्योतिष के अद्भुत ज्ञान को मंच देना था, बल्कि समाज में उसकी सकारात्मक भूमिका को रेखांकित करना भी रहा। आयोजकों ने बताया कि यह महाकुंभ प्रत्येक वर्ष आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भारतीय परंपराओं और ज्ञान की प्राचीन धरोहर को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।

