प्रभा खेतान फाउंडेशन की ‘एक मुलाकात’ में ‘मुसाफिर कैफे’ के लेखक दिव्य प्रकाश दुबे से संवाद
डॉ. जयश्री पेरीवाल के साथ बातचीत में खोले लेखन शैली और जीवन के कई अनछुए पहलू
कहा- धर्मवीर भारती के ‘गुनाहों के देवता’ को श्रद्धांजलि हैं मेरी कहानी के पात्र
योगेश शर्मा
जयपुर। “जो लव स्टोरीज लिखते हैं, आमतौर पर उनकी खुद की कोई लव स्टोरी नहीं होती या उन्होंने उस प्यार को अपनी असल जिंदगी में जिया नहीं होता। प्रेम कहानियां तब तक दिल को नहीं छूतीं, जब तक वे केवल काल्पनिक हों और वास्तविकता के धरातल से दूर हों।” यह विचार प्रसिद्ध लेखक और स्टोरीटैलर दिव्य प्रकाश दुबे ने व्यक्त किए। वे प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल ‘एक मुलाकात’ श्रृंखला के तहत आयोजित विशेष संवाद सत्र को संबोधित कर रहे थे।
इस साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन जयश्री पेरीवाल फाउंडेशन, एहसास वुमन ऑफ जयपुर और हॉस्पिटैलिटी पार्टनर आईटीसी राजपूताना जयपुर के सहयोग से किया गया। सत्र के दौरान जयश्री पेरीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की चेयरपर्सन डॉ