जोधपुर/ नरेश गुनानी/गृह मंत्रालय के तहत आने वाले रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र (RTC) जोधपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का 88वां स्थापना दिवस गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया।
समारोह की शुरुआत संस्थान के परिसर में बने शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक बी.ए.के. चौरसिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संगीता मेरी राजा, संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन किया। इसके उपरांत क्वार्टर गार्ड पर सलामी दी गई।
सीआरपीएफ का गौरवशाली इतिहास और सफर
सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक बी.ए.के. चौरसिया ने बल के ऐतिहासिक महत्व और शौर्य गाथा पर प्रकाश डाला:
- स्थापना और नामकरण: 27 जुलाई 1939 को मध्य प्रदेश के नीमच में ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ (CRP) के रूप में इस बल का गठन किया गया था।
- स्वाधीनता के बाद बदलाव: देश की आजादी के बाद, वर्ष 1949 में संसद के एक अधिनियम द्वारा इसका नाम बदलकर ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ (CRPF) कर दिया गया।
- विश्व का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल: 87 वर्षों का गौरवशाली सफर पूरा कर चुका यह बल आज 3.25 लाख से अधिक जवानों की नफरी के साथ विश्व का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के प्रमुख प्रहरी के रूप में मुस्तैद है।
उत्कृष्ट सेवा के लिए कार्मिकों का सम्मान
स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर संस्थान में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले 5 अधिकारियों व कार्मिकों को पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा महानिदेशक डिस्क (DG Disc) एवं महानिदेशक प्रशस्ति प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम
स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र में कई गतिविधियों का आयोजन किया गया:
- सघन पौधारोपण अभियान: उप महानिरीक्षक व प्राचार्य के नेतृत्व में संस्थान परिसर में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत 3,000 पौधे लगाए गए।
- विविध आयोजन: दिनभर जवानों और अधिकारियों के लिए खेलकूद प्रतियोगिताओं और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बल की एकजुटता और अनुशासन की झलक देखने को मिली।