जोधपुर, 31 मई 2026। नरेश गुनानी
जोधपुर जिले की ग्राम पंचायत बड़ली में रविवार को ‘वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बड़ली भेरूजी तालाब पर श्रमदान किया और आमजन से जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिला कलक्टर आलोक रंजन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा और प्रशिक्षु आईएएस उमेश कुमार मंच पर उपस्थित रहे।
जल स्रोतों का संरक्षण और स्वच्छता हमारी साझी जिम्मेदारी: जोगाराम पटेल
संसदीय कार्य मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गंगा दशमी के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश भर में इस अभियान की शुरुआत की है, जो विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) तक निरंतर चलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों को बचाना और उनकी स्वच्छता बनाए रखना समाज के हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।
’हरियालो राजस्थान’ के तहत लगेंगे 10 करोड़ पौधे
पटेल ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष भी ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के अंतर्गत 10 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘हरियालो राजस्थान’ और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ मिलकर प्रदेश में जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण एवं जल संरक्षण को एक नई और सकारात्मक दिशा देंगे।
मारवाड़ में सामूहिक श्रमदान की समृद्ध परंपरा
मारवाड़ की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:
”श्रमदान देश के प्रति समर्पण और सामुदायिक विकास का एक सशक्त माध्यम है। इससे न केवल स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि श्रम के प्रति सम्मान की भावना भी पैदा होती है।”
उन्होंने आगे कहा कि मारवाड़ में एकादशी के अवसर पर सामूहिक श्रमदान की एक पुरानी और समृद्ध परंपरा रही है, जहां लोग मानसून की दस्तक से पहले तालाबों की साफ-सफाई के लिए स्वेच्छा से इकट्ठा होते थे। आज के समय में हमें मिलकर अपनी इसी प्राचीन और गौरवशाली संस्कृति को फिर से जीवित करने की आवश्यकता है।
मॉडल तालाब के रूप में विकसित होगा बड़ली तालाब
अभियान के दौरान संसदीय कार्य मंत्री ने बड़ली भेरूजी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने मूक पक्षियों के लिए परिंडे बांधे और वृक्षारोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
उन्होंने घोषणा की कि बड़ली तालाब को एक मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाएगा और इसके सुंदरीकरण के लिए यहां एक विशाल घाट का निर्माण भी करवाया जाएगा।