जोधपुर/लोकेंद्र सिंह शेखावत/देश के पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो का पहला चरण दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। जोधपुर के भगत की कोठी में करीब 360 करोड़ रुपये की कुल लागत से बन रहे इस अत्याधुनिक डिपो का 80 से 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी जोधपुर रेल मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने पीआईबी विजयवाड़ा से राजस्थान दौरे पर आए वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों के प्रतिनिधिमंडल को दी।
इस डिपो के पूरी तरह तैयार होने के बाद जोधपुर देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के तकनीकी रखरखाव और संचालन का एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरेगा।
दो चरणों में विकसित हो रहा हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर
- पहला चरण (167 करोड़ रुपये): इसके तहत 600 मीटर लंबा मेंटेनेंस ट्रैक और शेड बनाया जा रहा है, जिसमें 24 कोच वाली पूर्ण वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रखरखाव की सुविधा होगी। इसमें सिंक्रोनाइज्ड लिफ्टिंग सिस्टम, ड्रॉप पिट टेबल, पिट व्हील लेथ, ऑटोमेटेड वॉशिंग सिस्टम और व्हील-बोगी मेंटेनेंस यूनिट स्थापित की जा रही है। यहां 3-लेवल इंस्पेक्शन व्यवस्था, विशेष टेस्टिंग लैब और समर्पित व्हील रैक सिस्टम भी उपलब्ध रहेगा।
- दूसरा चरण (195 करोड़ रुपये): इस चरण में 178 मीटर लंबा ट्रैक, कवर्ड वर्कशॉप, ओएचई युक्त पिट लाइन, सर्विस बिल्डिंग तथा लगभग 30 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में ट्रेनिंग सेंटर और सिमुलेटर रूम तैयार किए जाएंगे।
दैनिक क्षमता और तकनीकी साझेदारी
डिपो में एक साथ 3 ट्रेनों का निरीक्षण किया जा सकेगा और इसकी कुल क्षमता प्रतिदिन 8 से 9 ट्रेनों के अनुरक्षण की होगी। इस डिपो का उपयोग केवल स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के लिए किया जाएगा। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा संचालित इस परियोजना में रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) तथा भारत-रूस का संयुक्त उपक्रम ‘काइनेट रेलवे सॉल्यूशन’ तकनीकी साझेदार के रूप में कार्य कर रहे हैं। इस परियोजना का शिलान्यास 16 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। देश में जोधपुर के अलावा दिल्ली के बिजवासन व आनंद विहार, बेंगलुरु के थानिसंद्रा और मुंबई के वाडी बंदर में भी इस प्रकार के मेंटेनेंस डिपो विकसित किए जा रहे हैं।
क्षेत्र को मिलने वाले प्रमुख लाभ
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की संरक्षा, रखरखाव गुणवत्ता और तकनीकी उपलब्धता में तेज सुधार।
- भविष्य में क्षेत्र से लंबी दूरी की अधिक स्लीपर ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त।
- जोधपुर की रेल कनेक्टिविटी और परिचालन क्षमता में रणनीतिक विस्तार।
- मेंटेनेंस व तकनीकी कार्यों से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन।
पत्रकार दल का अध्ययन दौरा
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), विजयवाड़ा द्वारा आयोजित 17 से 22 अगस्त 2026 के इस अध्ययन दौरे में वरिष्ठ पत्रकारों का दल केंद्र सरकार की प्रमुख विकास परियोजनाओं और विभिन्न विभागों की ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का जायजा ले रहा है। जोधपुर प्रवास के दौरान यह दल काजरी (CAZRI), आफरी (AFRI), राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT), फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI) और भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (IIHT) सहित ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा करेगा।