जयपुर/ सुनील शर्मा/पश्चिमी राजस्थान में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (JPMIA) में भूखंड आवंटन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। परियोजना के प्रथम चरण के तहत निवेशकों के लिए प्रत्यक्ष आवंटन हेतु कुल 30 भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं।
राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RIDCO) के अनुसार, इच्छुक निवेशक 31 अक्टूबर 2026 तक इन भूखंडों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
भूखंडों का वर्गीकरण एवं आवंटन प्रक्रिया
प्रथम चरण में उपलब्ध कराए गए कुल 30 भूखंडों का विवरण इस प्रकार है:
- औद्योगिक भूखंड (28): इनमें से 23 भूखंड विशेष रूप से टेक्सटाइल जोन के लिए और शेष 5 भूखंड जनरल जोन के लिए आरक्षित किए गए हैं।
- वाणिज्यिक/सुविधा भूखंड (2): आतिथ्य सत्कार एवं नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 2 भूखंड मोटल और रेस्टोरेंट के लिए रखे गए हैं।
भुगतान एवं आवेदन की शर्तें:
- आवेदन व ईएमडी: भूखंड आवंटन हेतु धरोहर राशि (EMD) जमा कराने की प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 से प्रारंभ हो चुकी है।
- भुगतान विकल्प: सफल आवंटन के समय निवेशकों को कुल राशि का 25 प्रतिशत जमा कराना होगा। शेष 75 प्रतिशत राशि के भुगतान के लिए 11 त्रैमासिक किस्तों (Quarterly Installments) का लचीला विकल्प दिया गया है।
- भूखंडों के पंजीकरण और विस्तृत नियमों की जानकारी रिडको (RIDCO) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
रणनीतिक अवस्थिति और कनेक्टिविटी
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा JPMIA जोधपुर और पाली के बीच स्थित है। परियोजना का प्रथम चरण लगभग 1578 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है।
लॉजिस्टिक्स और परिवहन के दृष्टिकोण से यह क्षेत्र बेहद सुगम है:
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC): मारवाड़ जंक्शन स्थित फ्रेट कॉरिडोर स्टेशन से दूरी लगभग 60 किलोमीटर।
- हवाई एवं रेल संपर्क: जोधपुर रेलवे स्टेशन तथा जोधपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दूरी मात्र 30 किलोमीटर।
प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क और फ्रेट कॉरिडोर से नजदीकी के कारण यह क्षेत्र विनिर्माण इकाइयों और सप्लाई चेन प्रबंधन के लिए आदर्श केंद्र साबित होगा।
10,000 करोड़ रुपये का निवेश और 2 लाख रोजगार
JPMIA के पूर्ण विकास से पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है:
- अनुमानित निवेश: परियोजना के माध्यम से लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निजी व संस्थागत निवेश की संभावना है।
- रोजगार सृजन: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।
- प्रमुख फोकस क्षेत्र: इस इंडस्ट्रियल एरिया में टेक्सटाइल एवं अपैरल, एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल, हैंडीक्राफ्ट तथा बिल्डिंग मैटेरियल जैसे प्रमुख क्षेत्रों की इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से जोधपुर और पाली के अलावा बाड़मेर, नागौर, बीकानेर और जैसलमेर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बड़ा संबल मिलेगा।