नरेश गुनानी/राजस्थान में जोजरी और आसपास के क्षेत्रों की नदियों को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जोधपुर, पाली, बालोतरा और जसोल के औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों तथा सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) संचालन समितियों से नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए तत्काल ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है।
शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलक्टरों को भी निर्देश दिए कि नदियों में रासायनिक व प्रदूषित पानी की निकासी पूरी तरह रोकने के लिए प्रभावी उपायों के साथ प्रस्ताव भिजवाएं।
’उद्योगों का संचालन हो, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं’
मुख्य सचिव ने संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उद्योगों के निर्बाध संचालन के पक्ष में है, लेकिन समाज के व्यापक हित और पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता:
- सीईटीपी की क्षमता का पूर्ण उपयोग: औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित सीईटीपी संयंत्रों का संचालन उनकी पूरी क्षमता से किया जाए।
- रिसाव पर रोक: संयंत्रों का रखरखाव इस तरह सुनिश्चित हो कि रासायनिक पानी का किसी भी स्तर पर रिसाव न हो।
- सामूहिक उत्तरदायित्व: नदियों के जल को स्वच्छ रखना सरकार, प्रशासन और उद्योग जगत—सभी की साझा जिम्मेदारी है।
सर्वोच्च न्यायालय के रुख और वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर
बैठक में माइंस विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की अध्यक्ष अपर्णा अरोरा ने बताया कि जोजरी और अन्य नदियों में जा रहे प्रदूषित पानी के मामले को सर्वोच्च न्यायालय अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।
वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की आवश्यकता: केमिकल युक्त औद्योगिक अपशिष्ट को नदियों में बहाने के बजाय वैज्ञानिक तरीकों से निस्तारित किया जाना अनिवार्य है। आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक व तकनीकी संस्थाओं का सहयोग लेकर आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीक अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि नदियों में पानी बहाने की स्थिति में मजबूरीवश उद्योगों को बंद करने जैसे कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं।
बैठक में प्रस्तुत हुई तकनीकी रिपोर्ट
बैठक की शुरुआत में राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के सदस्य सचिव कपिल चन्द्रावल ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से नदियों में गिर रहे औद्योगिक कचरे, सीईटीपी की वर्तमान स्थिति और सुधारात्मक कदमों की विस्तृत जानकारी दी।
उच्चस्तरीय बैठक में शामिल प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी
पर्यावरण, जल संसाधन और औद्योगिक विकास से जुड़े विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया:
- जल संसाधन विभाग: अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार
- उद्योग विभाग व रीको: अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं रीको अध्यक्ष शिखर अग्रवाल
- स्वायत्त शासन विभाग (LSG): प्रमुख सचिव रवि जैन
- रीको: प्रबंध निदेशक सुरेश ओला
- जिला प्रशासन: जोधपुर कलक्टर आलोक रंजन, पाली एवं बालोतरा के जिला कलक्टर
- अन्य: प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रीय उद्योग संघों एवं सीईटीपी समितियों के प्रतिनिधि