नरेश गुनानी
जयपुर | 30 अप्रैल, 2026 जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक ने गुरुवार को शहर के प्रतिष्ठित जे.के. लोन बाल चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं, स्वच्छता मानकों और संसाधनों की उपलब्धता का बारीकी से जायजा लिया। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभिन्न वार्डों का जायजा और फीडबैक
निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने एन.आई.सी.यू. (NICU), आईपीडी (IPD), ओपीडी (OPD) सहित विभिन्न वार्डों का दौरा किया। उन्होंने प्रयोगशाला (लेबोरेटरी) की कार्यप्रणाली और जांच व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वहां उपचाराधीन बच्चों के परिजनों से सीधा संवाद किया और उनसे मिल रही सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल के व्यवहार के संबंध में सुझाव व शिकायतें सुनीं।
स्वच्छता और संसाधनों पर विशेष जोर
कलक्टर ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति को और बेहतर बनाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- अस्पताल में दवाओं और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को बाहर न भटकना पड़े।
- मरीजों और उनके परिजनों को उचित मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए हेल्पडेस्क व स्टाफ को सक्रिय रखा जाए।
- उपचार की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी समय की पाबंदी का पालन करें।
नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
जिला कलक्टर ने अस्पताल प्रशासन को हिदायत दी कि बच्चों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कलक्टर ने आश्वस्त किया कि परिजनों से मिले सुझावों के आधार पर आगामी दिनों में अस्पताल की व्यवस्थाओं में और अधिक सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे।