| गौरव कोचर
जयपुर | 28 मार्च, 2026
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की भूमि एवं संपत्ति निस्तारण समिति की 220वीं बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को नई गति देने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
मेट्रो के राजस्व मॉडल को मिलेगा बल
जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JMRC) की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और नॉन-फेयर रेवेन्यू (किराए के अतिरिक्त अन्य आय) गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जेडीए ने बड़ी जमीन आवंटित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत:
- ग्राम मानपुरा (मौजमाबाद): मेट्रो को 7.45 हेक्टेयर भूमि दी गई है।
- ग्राम भोजपुरा (फागी): मेट्रो को 10.0529 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।
इन जमीनों का उपयोग मेट्रो द्वारा व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य राजस्व जुटाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार में वित्तीय मदद मिलेगी।
बिजली आपूर्ति में होगा सुधार
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
- ग्राम चकवाड़ा (फागी): यहाँ 33/11 केवी जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) के निर्माण हेतु 1000 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है।
- इस नए जीएसएस के बनने से क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या दूर होगी और बिजली का बुनियादी ढांचा सशक्त होगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान सचिव निशांत जैन, अतिरिक्त आयुक्त डॉ. प्रिया बलराम, और उप आयुक्त दिग्गज चाँगल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
