जेएलएन मेडिकल कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच म्यूजिक सिस्टम में आग, 13 लाख का नुकसान; मामला दर्ज
| रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर
अजमेर। जेएलएन मेडिकल कॉलेज परिसर में शुक्रवार देर रात हुए हादसे ने कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चल रहे सांस्कृतिक समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए म्यूजिक सिस्टम में अचानक आग लग गई, जिससे पूरा सेटअप जलकर खाक हो गया। इस आगजनी में करीब 13 लाख रुपये मालिकाना नुकसान बताया जा रहा है। मामले में पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद लगी आग
म्यूजिक सिस्टम संचालक पवन बालोटिया के अनुसार, 29 नवंबर से 7 दिसंबर तक कॉलेज में सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न प्रस्तुतियों की श्रृंखला के तहत शुक्रवार रात फैशन शो एवं डीजे नाइट रखा गया था। कार्यक्रम लगभग रात 11 बजे समाप्त हो गया, जिसके बाद पवन बालोटिया अपना सिस्टम बंद कर घर चले गए।
रात लगभग 2 बजे उन्हें फोन पर सूचना दी गई कि कार्यक्रम स्थल पर उनके उपकरणों में आग लग चुकी है। जब वे मौके पर पहुंचे तो फायर टीम आग पर काबू पा चुकी थी, लेकिन तब तक नष्ट हो चुके उपकरणों में मिक्सर, स्पीकर, सब-वूफर सेट, कंट्रोल पैनल, वायरिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सेटअप शामिल था।
जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित, निगरानी में चूक उजागर
घटना के समय स्थल पर कोई वरिष्ठ अधिकारी या आयोजन जिम्मेदार नहीं था। केवल कुछ छात्र मौजूद थे, जिन्होंने आग लगने की सूचना दी। पीड़ित के अनुसार यह गंभीर लापरवाही है, क्योंकि इतने बड़े कार्यक्रम के बाद तकनीकी संसाधनों की निगरानी अपेक्षित थी।
आग को लेकर संदेह, तकनीकी खराबी या साजिश पर सवाल
पवन बालोटिया ने आशंका जताई है कि आग मात्र विद्युत खराबी से नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति द्वारा नुकसान पहुंचाने की नीयत से भी लगाई गई हो सकती है। उन्होंने बताया कि उपकरण बंद अवस्था में थे, ऐसे में आग का स्वतः लगना संदिग्ध है। इसी आधार पर उन्होंने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोतवाली थाना पुलिस आग के कारणों को कई पहलुओं पर जांच रही है—
तकनीकी खराबी
मानवीय हस्तक्षेप
आयोजन स्थल पर सुरक्षा में लापरवाही
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच में जुटी
कोतवाली थाना सीआई अनिल देव कल्ला ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक स्तर पर आग रात करीब 2 बजे लगने की पुष्टि हुई है। फायर विभाग की तत्परता से आग फैलने से रोका गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
अब पुलिस सबूत जुटाने, सीसीटीवी फुटेज खंगालने और आयोजन समिति से पूछताछ की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।
कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल
हादसे के बाद कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था आलोचना के घेरे में है।
- कार्यक्रम स्थल पर दमकल मानकों की अनुपस्थिति
- कार्यक्रम के बाद निगरानी नहीं होना
- जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी न होना
इन बिंदुओं को लेकर छात्रों और आयोजनकर्ताओं के बीच चर्चा तेज हो गई है।
आग से बचने का एक बड़ा हादसा टला
हालांकि मौके पर भीड़ मौजूद नहीं थी, फिर भी यह हादसा और बड़ा रूप ले सकता था। रात में लगी आग से वस्तुओं के अलावा मंच, आसपास लगी सजावट व अन्य संरचना भी आग की चपेट में आ सकती थी।
क्या अब सुरक्षा कठोर होगी?
इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा नीति पर पुनः विचार की संभावना है। पुलिस जांच रिपोर्ट आने के बाद आयोजन समिति और कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध कार्रवाई की संभावना भी बन सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए विस्तृत जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।