जीवन जीने का उद्देश्य होना चाहिए – सैनाचार्य
पुष्कर, 1 नवम्बर (हरिप्रसाद शर्मा)। धार्मिक नगरी पुष्कर में प्रवास के दौरान सैनाचार्य स्वामी अचलानंदाचार्य ने कहा कि “जीवन जीने का एक उद्देश्य अवश्य होना चाहिए, अन्यथा जीवन का कोई अर्थ नहीं रह जाता।” उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जीवन के उद्देश्य को समझने लगी है, यही भारत की प्रगति की दिशा में एक शुभ संकेत है।
सैनाचार्य के सान्निध्य में सैन भक्ति पीठ में विशेष धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा रामदेव के ध्वजारोहण के साथ किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी सुरेश बुगालिया ने ध्वजारोहण किया, जिसके बाद बाबा रामदेव की आरती और पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। हवन-पूजन में बलजीत सिंह माली और देवी ने विधिवत पूजा-अर्चना की।
भक्ति पीठ के प्रवक्ता हरिप्रसाद शर्मा ने बताया कि रविवार सांयकाल को तुलसी विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान सेवा मंडल की ओर से मोती भाई, श्याम बाबू, रमेश तिवारी, बाबू सेन, शिवम् रत्नू, अरुण पाराशर, चक्रपाणि, लोकेंद्र थालौड़, विक्रम सिंह, कालू सेन, गिरधारी, बाबू, श्रीमती कंचन सेन, पन्नालाल सेन चावण्डिया सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सैनाचार्य ने अंत में कहा कि भक्ति, सेवा और उद्देश्यपूर्ण जीवन ही मानव को ईश्वर के सान्निध्य तक पहुंचाने का मार्ग दिखाता है।