जयपुर/ गौरव कोचर/वाणिज्यिक कर विभाग की टीम ने कर राजस्व की सुरक्षा और जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बगरू स्थित फर्म एसआरएसएम एसोसिएट्स के व्यावसायिक ठिकानों पर व्यापक सर्वे एवं निरीक्षण की कार्रवाई की है। यह फर्म मुख्य रूप से एसीएसआर कंडक्टर, एल्युमिनियम कंडक्टर और वायर के निर्माण व व्यापार से जुड़ी है।
दो ठिकानों पर एक साथ जांच
विभागीय टीम ने फर्म के पंजीकृत मुख्य व्यवसाय स्थल (जी-22, रीको इंडस्ट्रियल एरिया एक्सटेंशन फेज-2, बगरू, जयपुर) तथा अतिरिक्त व्यवसाय स्थल (प्लॉट नंबर-1, सोलिटेयर इंडस्ट्रियल पार्क, बगरू, जयपुर) पर एक साथ कार्रवाई की।
जांच में सामने आए मुख्य बिंदु:
- कर भुगतान में अनियमितता: प्राथमिक जांच में सामने आया कि फर्म द्वारा करयोग्य वस्तुओं की आपूर्ति के विरुद्ध नियमानुसार जीएसटी का भुगतान नहीं किया जा रहा था।
- दस्तावेजों व स्टॉक का सत्यापन: सर्वे के दौरान फर्म के खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेजों, बही-खातों और दोनों परिसरों में मौजूद भौतिक स्टॉक का मिलान व सत्यापन किया गया। यह पूरी प्रक्रिया स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर पूरी की गई।
- 1.64 करोड़ की कर देयता: स्टॉक और अभिलेखों की गहन जांच के आधार पर विभाग ने लगभग 1.64 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता तय की है।
- करदाता द्वारा अंडरटेकिंग: मामले में करदाता ने निर्धारित देय कर राशि जमा कराने को लेकर विभाग को औपचारिक अंडरटेकिंग सौंप दी है।
आगे की विधिक कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के माल अथवा रिकॉर्ड की जब्ती नहीं की गई है। मामले में विस्तृत जांच और आगामी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित करदाता को सीजीएसटी/आरजीएसटी अधिनियम के तहत समन जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी पर अंकुश लगाने और राजस्व संरक्षण के लिए इस प्रकार की निगरानी व सर्वे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।