जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: चार प्रतिष्ठानों पर सर्वे में 4.99 करोड़ रुपये से अधिक की कर अनियमितताएं उजागर

2.03 करोड़ रुपये से अधिक की स्वैच्छिक जमा राशि; फर्जी आईटीसी और बिक्री छिपाने के मामलों पर शिकंजा

गौरव कोचर 

जयपुर: राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने कर चोरी, फर्जी एवं रद्द फर्मों से गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने, प्रतिबंधित श्रेणी की आईटीसी का अनुचित दावा करने तथा कारोबार से संबंधित कर अनियमितताओं के विरुद्ध बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया है। विभाग द्वारा की गई चार अलग-अलग सर्वे कार्रवाइयों में कुल 4 करोड़ 99 लाख 07 हजार 626 रुपये की संभावित कर देयता और अनियमितता उजागर हुई है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं ने 2 करोड़ 03 लाख 22 हजार 738 रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा करवाई। यह सर्वे जयपुर, भिवाड़ी, संगरिया और गंगानगर स्थित फर्मों पर किए गए।

चार प्रमुख प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई का विवरण

  • वर्गो ग्राफिक्स प्रा. लि. (भिवाड़ी, अलवर):
    • ​पेपर, पेपरबोर्ड एवं पैकेजिंग सामग्री निर्माण से जुड़ी इस फर्म पर सर्वे के दौरान जीएसटी अधिनियम की धारा 17(5) के तहत प्रतिबंधित इनवर्ड सप्लाई पर लगभग 50 लाख रुपये की अमान्य आईटीसी क्लेम करने का मामला सामने आया।
    • ​जांच के दौरान फर्म ने 74 लाख 15 हजार 112 रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।
  • हरि एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड (जयपुर):
    • ​खाद्य तेल एवं डी-ऑयल्ड केक निर्माता इस कंपनी में बोगस और रद्द फर्मों से अमान्य आईटीसी लेने के साथ-साथ धारा 17(5) के तहत ब्लॉक आईटीसी क्लेम करने की पुष्टि हुई।
    • ​देर रात तक चली रिकॉर्ड जब्ती और जांच में लगभग 1.33 करोड़ रुपये की संभावित कर अनियमितता पाई गई, जिसके तहत फर्म ने 1.04 करोड़ रुपये स्वेच्छा से जमा किए।
  • वीर चंद एण्ड संस (संगरिया, हनुमानगढ़):
    • ​कृषि औजार (फावड़े-कुदाली आदि) के व्यापार से जुड़े इस प्रतिष्ठान पर 100 प्रतिशत आईटीसी क्लेम में अनियमितता पाए जाने पर भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया।
    • ​जांच उपरांत फर्म ने 10 लाख 07 हजार 626 रुपये जमा किए (एसजीएसटी: 4,98,813 रुपये, सीजीएसटी: 4,98,813 रुपये, आईजीएसटी: 10,000 रुपये)।
  • तायल इंडस्ट्रीज (उद्योग विहार, गंगानगर):
    • ​सीमेंट खरीद और टाइल्स उत्पादन के ‘यील्ड रेशियो’ (Yield Ratio) में भारी अंतर पाया गया, जिससे बिक्री छिपाने और टैक्स कम दर्शाने का संदेह पुख्ता हुआ।
    • ​रिकॉर्ड जब्ती और समन जारी करने के बाद करदाता ने 15 लाख रुपये (7.5 लाख रुपये एसजीएसटी एवं 7.5 लाख रुपये कैश लेजर) जमा कराए।

विभाग का सख्त रुख और अपील

जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी व रद्द फर्मों से बोगस आईटीसी क्लेम करने, प्रतिबंधित आईटीसी उठाने और टर्नओवर छिपाने वालों पर निगरानी तंत्र लगातार सक्रिय है। सभी चारों मामलों में विस्तृत जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कानूनी कदम उठाए जाएंगे। विभाग ने सभी करदाताओं से केवल वैध व वास्तविक लेन-देन के आधार पर ही आईटीसी क्लेम करने और कर कानूनों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की है।

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