जिले में जनकल्याण की नई मिसाल— सेवा शिविरों, जल संरक्षण अभियानों और अन्त्योदय पखवाड़े से ग्रामीण–शहरी विकास को नई गति
कुल 5,625 कार्यक्रमों में 1.38 लाख से अधिक लोगों की सक्रिय भागीदारी
| नरेश गुनानी
जयपुर।
जिले में वर्षभर चले जनकल्याणकारी अभियानों, सेवा शिविरों और विशेष पखवाड़ों ने विकास, जनभागीदारी, सेवा वितरण और जल संरक्षण को नई दिशा दी है। विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों ने न केवल सेवा डिलीवरी को सरल बनाया बल्कि नागरिकों को उनके द्वार पर ही त्वरित लाभ प्रदान किया।

जल संरक्षण व जनजागरण अभियान— 5,625 कार्यक्रम, 1.38 लाख से अधिक सहभागिता
जिले में जल संरक्षण एवं जनजागरण से जुड़े अभियानों ने बड़े पैमाने पर प्रभाव छोड़ा है। इस अवधि में—
- 571 श्रमदान कार्यक्रम
- 1,015 आईईसी गतिविधियाँ
- 103 कार्यशालाएँ
- 357 विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
कुल 5,625 कार्यक्रमों में 69,052 पुरुष और 69,202 महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
ये प्रयास जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में जल संरक्षण, हरियाली विस्तार और सामुदायिक जागरूकता को जन-आंदोलन के रूप में स्थापित कर चुके हैं।
ग्रामीण सेवा शिविर— राजस्व, स्वास्थ्य, मनरेगा सहित कई विभागों की बड़ी उपलब्धियाँ
ग्रामीण सेवा शिविरों ने जिले में सेवा वितरण प्रणाली को व्यापक रूप से सुदृढ़ किया। प्रमुख उपलब्धियाँ—
- राजस्व विभाग: नामांतरण, सीमाज्ञान, रास्ता एवं बंटवारा संबंधी 21,800 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण।
- बीपीएल सर्वेक्षण: 9,500+ परिवारों का सत्यापन, 13,300+ परिवारों से आवेदन प्राप्त।
- मनरेगा एवं पंचायती राज: 5,400 से अधिक विकास कार्य स्वीकृत।
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग: विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत 1,93,444 लाभार्थियों की जांच व उपचार।
ग्रामीण क्षेत्रों में इन शिविरों ने शासन को आमजन के द्वार तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनाया।
शहरी सेवा शिविर— नागरिक सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी
शहरी क्षेत्रों में सेवा शिविरों ने नागरिक सेवाओं की पहुंच को सरल बनाया। प्रमुख उपलब्धियाँ—
- स्वास्थ्य विभाग:
- 11,396 लोगों का उपचार
- 6,718 व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग
- 3,678 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना:
- 38 गोल्डन कार्ड जारी
- 100 पात्रों की केवाईसी
- खाद्य विभाग:
- एनएफएसए परिवारों की 1,230 ई-केवाईसी
- 1,248 परिवारों की आधार सीडिंग
- राजस्व विभाग:
- 90ए के 4 मामले
- 105 पट्टा आवेदन
- 34 नामांतरण
- 13 भवन मानचित्र अनुमोदन
- 9 भूखंड उपविभाजन प्रकरणों का निस्तारण
- नगर निकाय:
- जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण के 1,826 मामले
- बेसहारा पशु पकड़ने की 448 कार्रवाई
- स्ट्रीट लाइट मरम्मत की 694 शिकायतें मौके पर निस्तारित
इन शिविरों ने शहरी सेवा वितरण को अधिक सुगम, तेज और जवाबदेह बनाया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा (24 जून–09 जुलाई 2025)
यह पखवाड़ा जिले में सेवा वितरण का मजबूत माध्यम बना। इस अवधि में—
- 24,000+ एनसीडी जांच
- 20,000+ टीबी स्क्रीनिंग
- 81,000+ पशुओं का उपचार एवं टीकाकरण
- 17,000+ पशुपालकों को लाभ
- हरियालो राजस्थान अभियान:
- 2.04 लाख गड्ढों का निर्माण
- 2.49 लाख पौधरोपण
- सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ:
- 2,800+ पेंशनधारियों का सत्यापन
- मातृ वंदना योजना के 2,000 पंजीकरण
पखवाड़े की निरंतर मॉनिटरिंग और ग्राउंड लेवल समीक्षा ने समयबद्ध लाभ वितरण सुनिश्चित किया और नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान की।
सड़क सुरक्षा पोस्टर का विमोचन
जिला प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में “नो हेलमेट नो एंट्री” और “नो सीट बेल्ट नो एंट्री” पोस्टर का विमोचन किया गया।
इन पोस्टरों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाना और नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

