जिले का नाम व मुख्यालय बदलाव की आशंका पर किशनगढ़बास में उबाल
झंडा रैली और पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे विरोध के नारे
किशनगढ़बास, 2 सितम्बर। नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
खैरथल–तिजारा जिले का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर करने और मुख्यालय को भिवाड़ी स्थानांतरित करने की आशंका को लेकर क्षेत्र में आक्रोश गहराता जा रहा है। मंगलवार को संघर्ष समिति के आह्वान पर किशनगढ़बास में विशाल झंडा रैली और विरोध पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं ने भाग लिया।

सुबह राधिका गार्डन से प्रारंभ हुई पदयात्रा तोप सर्किल, गंज रोड और मुख्य बाजार से होते हुए पंचायत घर, इंदिरा रसोई और बस स्टैंड तक पहुंची। इस दौरान तिरंगा लहराते हुए लोगों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और नाम व मुख्यालय परिवर्तन का विरोध जताया।
जनता की भावनाओं का अपमान – विधायक दीपचंद खैरिया
सभा को संबोधित करते हुए विधायक दीपचंद खैरिया ने कहा कि खैरथल–तिजारा जिले का नाम बदलना और मुख्यालय अन्यत्र करना जनता की भावनाओं का अपमान है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खैरथल–तिजारा का ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व है, जिसे दरकिनार करना जनता के साथ अन्याय होगा।
कई नेताओं और संगठनों का समर्थन
इस मौके पर पीसीसी महासचिव अजीत यादव, विधानसभा प्रभारी गफूर खान, प्रधान बीपी सुमन, व्यापार महासंघ अध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप पाटिल, नेता प्रतिपक्ष उमेश यादव, शहर अध्यक्ष संस्कार अग्रवाल, पार्षद नितिन यादव, कोटकासिम ब्लॉक अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर, एडवोकेट कमल सिंह, नवीन खैरिया, मोनू भारती, भागेन्द्र खैरिया, बाबूलाल सैनी, उमाशंकर शर्मा, सुभाष सैनी, चमन बसवाल, नूर मोहम्मद हल्लू, फकीरचंद, सोमनाथ चौधरी, फूलसिंह चौधरी, जयप्रकाश हेडाऊ, रामचंद्र कॉमरेड, इस्माईलपुर मंडल अध्यक्ष किशनचंद, सलीम खान, बन्ने खां और मास्टर आसमखां सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कार्यक्रम का मंच संचालन अलवर जिला राजमिस्त्री मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष धीरूभाई ने किया। वक्ताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही जिले का नाम और मुख्यालय बदलने का निर्णय वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप धारण करेगा।

