जिला प्रभारी मंत्री संजय शर्मा ने किया सीकर का दौरा
अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में निष्पक्ष गिरदावरी के निर्देश, राज्य सरकार समाधान के लिए प्रतिबद्ध
सीकर, 7 सितम्बर। सुनील शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स
वन एवं पर्यावरण तथा सीकर जिले के प्रभारी मंत्री संजय शर्मा ने रविवार को अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बरसात से फसलों और संपत्ति को हुए नुकसान का जायजा लिया। जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अतिवृष्टि से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रभावित क्षेत्रों का आकलन और गिरदावरी के निर्देश
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में सड़कों, फसलों और पशुधन को हुए नुकसान का सटीक आकलन कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि गिरदावरी बरसात समाप्त होने के बाद की जाए ताकि किसानों को सही मुआवजा मिल सके। साथ ही, उन्होंने पीडब्ल्यूडी को सड़कों की बिट्यूमिनाइजेशन, नानी बीड क्षेत्र सहित नगर परिषद इलाकों में जल निकासी और वॉटर ट्रीटमेंट की डीपीआर तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।
विकास और पुनर्निर्माण कार्यों पर जोर
संजय शर्मा ने बैठक में कई मुद्दों पर समीक्षा करते हुए तत्काल कार्यवाही के आदेश दिए। इनमें नानी बीड और नेछवा स्टेट हाईवे पर जलभराव की समस्या, रींगस तिराहे पर निकासी व्यवस्था, कांवट महात्मा गांधी विद्यालय के नए भवन का निर्माण, रामपुरा व फतेहपुरा बांध की मरम्मत, हर्ष रोड पर दुर्घटना रोकथाम उपाय, कोछोर-रानोली सड़क की मरम्मत, रींगस मील तिराहे पर जल निकासी, बावड़ी में शहीद दीपचंद वर्मा स्मारक की चारदीवारी, दांता बाईपास सड़क निर्माण और सेवद क्षेत्र में वर्षा जल निकासी जैसे कार्य शामिल थे।
उन्होंने लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए रोलसाहबसर पशु चिकित्सालय के पशुधन सहायक पर चार्जशीट जारी करने और एनएचआई व पीडब्ल्यूडी के अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए।
सतर्कता और जनसहभागिता पर बल
प्रभारी मंत्री ने कहा कि लगातार बारिश के चलते जर्जर भवनों और कच्चे मकानों का विशेष ध्यान रखा जाए। पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें ताकि जनहानि रोकी जा सके। उन्होंने 15 सितम्बर से शुरू होने वाले गांव चलो, शहर चलो अभियान 2025 और 2 अक्टूबर से सहकार सदस्यता अभियान में आमजन को अधिकतम लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की तैयारी और राहत कार्य
जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बैठक में बताया कि जर्जर भवनों का सर्वे कर प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। साथ ही, एसडीआरएफ के तहत आए प्रस्तावों पर कार्रवाई जारी है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार ने तहसीलवार फसलों की गिरदावरी, अतिवृष्टि से हुई क्षति (फसल, पशु, मकान और मानव हानि) और स्वीकृत मुआवजे की जानकारी दी। उन्होंने आपदा प्रबंधन, पुनर्निर्माण और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।
जनप्रतिनिधियों ने रखी अपनी बातें
बैठक में धोद विधायक गोवर्धन वर्मा, खंडेला विधायक सुभाष मील, सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, फतेहपुर विधायक हाकम अली खान, पूर्व विधायक रतन जलधारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं और शीघ्र समाधान की मांग की।