सुनील शर्मा
जयपुर, 25 अप्रैल। जिला परिषद जयपुर की साधारण सभा की बैठक शनिवार को जिला परिषद सभागार में जिला प्रमुख रमादेवी चौपड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला प्रमुख ने जनसमस्याओं के निस्तारण में देरी को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए और 15 दिन की समयसीमा निर्धारित की।
जनसमस्याओं पर 15 दिन का ‘अल्टीमेटम’
बैठक के दौरान जिला परिषद सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट, जर्जर सड़कों और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी गंभीर समस्याएं उठाईं। जिला प्रमुख ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिकायतों का 15 दिवस के भीतर निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए:
- विद्यालयों की मरम्मत: ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के भवनों की मरम्मत और उनके बुनियादी ढांचे में सुधार किया जाएगा।
- आंगनबाड़ी केंद्र: बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन (Upgrade) किया जाएगा।
- दवाओं की उपलब्धता: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बजट और विकास योजनाओं की समीक्षा
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत समितियों को आवंटित बजट और नवीन योजनाओं को सदन द्वारा वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं की समीक्षा की गई:
- MGNREGA एवं आवास योजना: महात्मा गांधी नरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति जांची गई।
- जल जीवन मिशन: ‘हर घर नल’ योजना के तहत चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- अंतिम व्यक्ति तक लाभ: जिला प्रमुख ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित करें।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया:
- विधायक: शाहपुरा विधायक मनीष यादव और आमेर विधायक प्रशांत शर्मा।
- प्रशासनिक अधिकारी: जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) आशीष कुमार, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेर सिंह लुहाड़िया।
- प्रतिनिधि: उप जिला प्रमुख, विभिन्न पंचायत समितियों के प्रधान और जिला परिषद के सदस्य।
बैठक के अंत में पिछली बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया और अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने की हिदायत दी गई।