जिला चौहान समाज रायगढ़ का संवैधानिक निर्वाचन 16 नवंबर को
— तीन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला, 8 ब्लॉकों के 30-30 सदस्य करेंगे मतदान
रिपोर्ट : गणपत चौहान, छत्तीसगढ़
रायगढ़।
जिला चौहान समाज के इतिहास में पहली बार चारों गुटों के एकमत होने के बाद चुनाव आयोग का गठन कर पूर्णतः संवैधानिक तरीके से जिलाध्यक्ष पद का चुनाव कराया जा रहा है। यह कदम समाज में एकता और व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
चुनाव प्रक्रिया के तहत पूर्वी रायगढ़, शहर रायगढ़, पुसौर, खरसिया, धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार व घरघोड़ा—इन 8 ब्लॉकों से 30-30 सदस्यों का चयन मतदान के लिए किया गया है। इसी 240 मतदाताओं के वोट से नए जिलाध्यक्ष का चुनाव होगा।
तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में
जिलाध्यक्ष पद के लिए तीन अभ्यर्थियों ने विधिवत रूप से अपना नामांकन प्रस्तुत किया है—
- संतोष चौहान (खरसिया, सिंघनपुर) – चुनाव चिन्ह : नारियल छाप
- मनोहर चौहान (रायगढ़) – चुनाव चिन्ह : धान की बाली
- देवप्रसाद चौहान (तमनार ब्लॉक) – चुनाव चिन्ह : केला का पेड़
तीनों उम्मीदवार अपने-अपने समर्थकों के साथ सभी ब्लॉकों में जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। घर–घर जनसंपर्क अभियान के जरिए माहौल पूरी तरह चुनावी हो चुका है।
मतदान एवं परिणाम
चुनाव आयोग के अध्यक्ष महावीर गुरुजी ने जानकारी दी कि मतदान 16 नवंबर, रविवार, को अपराह्न 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नगर निगम सामुदायिक भवन, केवड़ाबाड़ी (रायगढ़) में होगा।
संध्या तक परिणाम की घोषणा भी कर दी जाएगी।
महावीर गुरुजी ने कहा कि इस विधिवत निर्वाचन प्रक्रिया से समाज में एकता और संयम की भावना और मजबूत होगी। नए जिलाध्यक्ष के चयन के बाद सर्वसम्मति से जिला कार्यकारिणी गठित की जाएगी, और तुरंत शपथ ग्रहण भी कराया जाएगा।
क्या एकीकरण को और बल मिलेगा?
पिछले चार दशकों से चौहान समाज में विभिन्न गुटों के कारण निरंतर असहमति और विघटन देखा जाता रहा है। लंबे समय बाद पहली बार सभी गुटों का एकत्र होकर चुनाव प्रक्रिया को स्वीकारना समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है—
क्या नई कार्यकारिणी के गठन के बाद यह एकीकरण और मजबूत होगा?
या फिर
पुरानी तरह से समाज पुनः बिखराव की ओर लौट जाएगा?
निश्चित रूप से, यह आने वाला समय ही तय करेगा कि समाज में स्थायी एकता स्थापित होगी या नहीं। फिलहाल चर्चाओं का विषय यही है कि—
कांटों का ताज पहनने जा रहे जिला चौहान समाज के अध्यक्ष की गद्दी पर किसका सेहरा बंधेगा?
वर्तमान में पूरे समाज में उत्सुकता चरम पर है।