जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए रूप नारायण साहू की दावेदारी मजबूत — कार्यकर्ताओं का मिला व्यापक समर्थन, पर्यवेक्षक के सामने खुलकर रखी राय
गणपत चौहान • छत्तीसगढ़
(सक्ती)कांग्रेस संगठन में नए जिलाध्यक्ष की खोज के बीच रूप नारायण साहू का नाम सबसे आगे उभरकर सामने आया है। पार्टी के पर्यवेक्षकों द्वारा चलाए जा रहे फीडबैक अभियान में अधिकांश कार्यकर्ताओं ने साहू के पक्ष में खुलकर समर्थन जताया, जिससे उनकी दावेदारी को मजबूती मिली है।
संगठन में नई ऊर्जा लाने की कवायद
कांग्रेस पार्टी इन दिनों संगठन के पुनर्गठन और सृजन अभियान के तहत देशभर में जिला और ब्लॉक स्तर पर नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया चला रही है।
इसी क्रम में पर्यवेक्षक टीम सक्ती जिले में पहुंची, जहां उन्होंने वन-टू-वन चर्चा के माध्यम से कार्यकर्ताओं से उनकी पसंद और राय जानी।
पर्यवेक्षक का उद्देश्य यह था कि जिला स्तर पर ऐसा नेतृत्व सामने आए जो संगठन को मजबूत कर सके, जनता से जुड़ा हो और पार्टी के मूल सिद्धांतों के प्रति निष्ठावान हो।
रूप नारायण साहू की पृष्ठभूमि और अनुभव
रूप नारायण साहू लंबे समय से कांग्रेस संगठन और किसान राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
उन्होंने यूथ कांग्रेस, त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं, और कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष के रूप में कई जिम्मेदारियाँ निभाई हैं।
साहू की पहचान एक जमीनी नेता और संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में है, जिनका सीधा संपर्क गांव-गांव के कार्यकर्ताओं और किसानों से बना हुआ है।
जानकारों के अनुसार, साहू का संगठन में अनुभव और कार्यकर्ताओं के साथ गहरा जुड़ाव उन्हें अन्य दावेदारों से आगे खड़ा करता है।
कार्यकर्ताओं का उत्साह और समर्थन
ब्लॉक मुख्यालयों में हुई बैठकों में कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षकों के सामने रूप नारायण साहू के पक्ष में खुलकर राय दी।
सक्ती, डभरा, मालखरौदा और जैजैपुर क्षेत्रों से मिले फीडबैक के अनुसार,
“रूप नारायण साहू में नेतृत्व क्षमता, अनुभव और कार्यकर्ताओं से जीवंत संपर्क — तीनों गुण मौजूद हैं।”
कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन के पुनर्निर्माण के इस समय में साहू जैसे समर्पित नेता की जरूरत है, जो न केवल कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हैं बल्कि संगठन को धरातल पर सक्रिय करने की क्षमता रखते हैं।
पार्टी नेतृत्व भी साहू के पक्ष में
सूत्रों के अनुसार, जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं के साथ-साथ राज्य स्तरीय नेताओं का भी साहू को समर्थन प्राप्त है।
पर्यवेक्षकों ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें भी साहू का नाम मुख्य दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है।
कांग्रेस आलाकमान द्वारा अंतिम निर्णय जल्द लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
संगठन को मजबूत करने की पहल
कांग्रेस पार्टी इन दिनों अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।
‘सृजन कार्यक्रम’ के तहत हर जिले में पर्यवेक्षक जाकर कार्यकर्ताओं की राय जुटा रहे हैं ताकि पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए नेतृत्व का चयन किया जा सके।
इस पहल से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने और आगामी चुनावों की तैयारी में नए उत्साह का संचार होने की उम्मीद है।