जामपाली खदान में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस: आईएसओ अधिकारी ने किया निरीक्षण, दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
By : गणपत चौहान
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 15,2025
बरौद कालरी। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), बिलासपुर के अंतर्गत कार्यरत आंतरिक सुरक्षा संगठन (ISO) के अधिकारी सनत कुमार तिवारी ने सोमवार शाम को जामपाली खुली खदान (ओपन कास्ट माइन) का निरीक्षण कर संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र को देखते हुए खदान की तैयारियों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करना था।
निरीक्षण के दौरान तिवारी के साथ विद्युत एवं यांत्रिक विभाग (ई एंड एम) के वरिष्ठ प्रबंधक अभिषेक तिवारी, जामपाली उपक्षेत्र के प्रभारी उपक्षेत्रीय प्रबंधक व खान प्रबंधक प्रेमचंद मेहरा, खान सुरक्षा अधिकारी खिलानंद कोमरे, अभियंता बालाजी गुप्ता, खनन निरीक्षक मुकेश कुमार मंडल, वरिष्ठ सर्वेक्षक राजकुमार मिश्रा सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
तिवारी ने सबसे पहले खदान के व्यू प्वाइंट से समग्र खदान क्षेत्र का अवलोकन किया, जहां से सुरक्षा प्रबंधन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद उन्होंने मुख्य खदान क्षेत्र में जाकर मानसून सुरक्षा की विशेष तैयारियों जैसे पंपिंग व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, स्लोप की स्थिति, विद्युत संयंत्रों की सुरक्षा और खनन क्षेत्र में मशीनरी संचालन से जुड़ी सावधानियों का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के उपरांत तिवारी ने खदान में वर्तमान सुरक्षा उपायों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को और अधिक मुस्तैदी बरतने तथा मानसून काल में किसी भी संभावित आपदा या दुर्घटना से बचाव के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “खदानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, ऐसे में मानसून में अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है।”
उन्होंने सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिए, जैसे:
- पानी निकासी व्यवस्था को नियमित रूप से जांचना,
- स्लोप की निगरानी बढ़ाना,
- विद्युत उपकरणों की सुरक्षित वायरिंग व इन्सुलेशन सुनिश्चित करना,
- सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना।
इस निरीक्षण से खदान प्रबंधन को सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुधारों को तत्काल लागू करने की दिशा में स्पष्ट मार्गदर्शन मिला है। खान प्रबंधक प्रेमचंद मेहरा ने आश्वासन दिया कि ISO अधिकारी के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और खदान को एक आदर्श व सुरक्षित खदान के रूप में स्थापित करने का प्रयास जारी रहेगा।