राजस्थान
जाट समाज की महापंचायत में लिया गया बड़ा फैसला — 29 जून को डहरा मोड़ गांव में हुंकार रैली का आयोजन
रिपोर्ट: संजय सिंह
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 11,2025
भरतपुर।राजस्थान में जाट समाज ने एक बार फिर अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को भरतपुर जिले के धौलपुर, डीग और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख जाट नेताओं और समाज के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में समाज की एकजुटता दिखाई दी और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 जून को नेशनल हाईवे किनारे स्थित डहरा मोड़ गांव में “हुंकार रैली” का आयोजन किया जाएगा।
ये हैं जाट समाज की चार प्रमुख मांगे
महापंचायत में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन चार प्रमुख मांगों को लेकर किया जा रहा है, जो निम्नलिखित हैं:
- केंद्र सरकार की नौकरियों में जाट समाज को ओबीसी वर्ग के तहत आरक्षण दिया जाए।
- 2015 से 2017 तक विभिन्न विभागों में चयनित जाट अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दी जाए।
- ‘महाराजा सूरजमल कल्याण बोर्ड’ का गठन किया जाए, जो समाज के कल्याण के लिए योजनाएं तैयार करे।
- पूर्व में हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान जिन जाट युवाओं पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उन्हें वापस लिया जाए।
गांव-गांव चलेगा जनसंपर्क अभियान, 12 जून से नुक्कड़ सभाएं शुरू
महापंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि हुंकार रैली से पहले जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
- 12 जून को रूपवास गांव से पहली नुक्कड़ सभा की शुरुआत होगी।
- प्रत्येक गांव में मटकी अभियान चलाकर प्रत्येक घर से एक दाना और एक रुपया सहयोग के रूप में लिया जाएगा।
- 25 से 29 जून के बीच डहरा मोड़ के आसपास के गांवों में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक संख्या में लोग रैली में शामिल हो सकें।
सीएम के नाम सौंपा गया ज्ञापन
महापंचायत के समापन पर समाज के प्रतिनिधियों ने डीग एसडीएम को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चारों प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए इन पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की गई है।
“हुंकार रैली” से जताएंगे ताकत
जाट समाज के नेताओं का कहना है कि सरकार अगर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। 29 जून को होने वाली हुंकार रैली सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि सरकार को चेतावनी होगी, जिसमें हजारों की संख्या में समाज के लोग भाग लेंगे।

