नरेश गुनानी
सीकर/जयपुर: ‘बेटी पढ़े, बेटी बढ़े’ के नारे को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील कार्यशैली का एक ऐतिहासिक उदाहरण सीकर जिले के जाजोद गांव में देखने को मिला है। मुख्यमंत्री की तत्परता का आलम यह रहा कि जिस मांग को छात्राओं ने रात में उनके सामने रखा, वह सूरज निकलने से पहले ही सरकारी आदेश में बदल गई।
रात्रि चौपाल में बेटियों ने साझा की थी पीड़ा
सीकर के खंडेला ब्लॉक स्थित जाजोद गांव में गुरुवार को आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान गांव की कई छात्राएं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलने पहुंचीं। छात्राओं ने अपनी शिक्षा की राह में आने वाली सबसे बड़ी बाधा साझा करते हुए बताया कि उनके राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (जाजोद) में विज्ञान संकाय (Science Stream) की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
छात्राओं ने बताया कि विज्ञान संकाय न होने के कारण उन्हें या तो अपनी रुचि के विरुद्ध अन्य विषय चुनने पड़ते हैं, या फिर विज्ञान की पढ़ाई के लिए गांव से काफी दूर जाना पड़ता है। यह दूरी और संसाधनों का अभाव कई बेटियों की उच्च शिक्षा के सपनों को प्रभावित कर रहा था।
मुख्यमंत्री के निर्देश: रात को ही एक्शन में आया शिक्षा विभाग
बेटियों की शैक्षणिक समस्या को सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी क्षण उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने देर रात को ही शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जाजोद स्कूल में विज्ञान संकाय खोलने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने रात को ही कागजी कार्रवाई पूरी की और आदेश तैयार कर लिए।
सुबह मिली खुशखबरी: बच्चियों के चेहरों पर खिली मुस्कान
शुक्रवार सुबह जब मुख्यमंत्री गांव की गलियों में भ्रमण पर थे, तब बालिकाएं एक बार फिर उनसे मिलीं और अपनी मांग की याद दिलाई। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उन्हें सुखद सरप्राइज दिया। उन्होंने बताया कि जाजोद स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने के सरकारी आदेश जारी हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया:
”अब आप इसी शैक्षणिक सत्र से अपने ही गांव के स्कूल में गणित (Mathematics) और जीव विज्ञान (Biology) विषयों की पढ़ाई कर सकेंगी। अब बेटियों को विज्ञान पढ़ने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।”
भरोसा और आभार: जाजोद में हर्ष का माहौल
अपनी मांग इतनी जल्दी पूरी होने पर छात्राओं के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। छात्राओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद तो थी, लेकिन यह विश्वास नहीं था कि मात्र कुछ ही घंटों में उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
यह घटनाक्रम न केवल मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि प्रदेश की ‘डबल इंजन सरकार’ शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर कितनी गंभीर है। जाजोद गांव के निवासियों ने इसे राज्य के इतिहास में त्वरित न्याय और विकास का एक नया अध्याय बताया है।