जस्टिस बी.आर. गवई बनेंगे देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश, केंद्र को भेजा गया नाम
Written By: गणेश शर्मा
अप्रैल 16, 2025
नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस भूषण रमणीकांत गवई देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने जा रहे हैं। मौजूदा मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने परंपरा के अनुसार अपने उत्तराधिकारी के रूप में उनका नाम केंद्र सरकार को भेज दिया है। जस्टिस खन्ना का कार्यकाल 13 मई 2025 को समाप्त हो रहा है।
राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद जस्टिस गवई 14 मई को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। हालांकि उनका कार्यकाल सीमित रहेगा, क्योंकि वे नवंबर 2025 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
कौन हैं जस्टिस बी.आर. गवई?
- जन्म: 24 नवंबर 1960, अमरावती (महाराष्ट्र)
- पिता: आर.एस. गवई, पूर्व राज्यपाल और समाजसेवी
- न्यायिक सफर की शुरुआत: 2003 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज के रूप में
- स्थायी नियुक्ति: 2005
- सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति: 24 मई 2019
जस्टिस गवई ने अपने करियर में बॉम्बे हाईकोर्ट की मुंबई, नागपुर, औरंगाबाद और पणजी पीठों में सेवा दी है। वे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाले दूसरे अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के न्यायाधीश हैं। इससे पहले जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन इस पद तक पहुंचे थे।
कुछ अहम फैसले
- नोटबंदी का समर्थन: जस्टिस गवई ने 2016 की नोटबंदी को वैध ठहराने वाले बहुमत वाले फैसले को लिखा, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा और अधिकारों को उचित ठहराया।
- बुलडोजर कार्रवाई पर रोक: उन्होंने कहा कि बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी भी व्यक्ति की संपत्ति को गिराना असंवैधानिक है। कार्यपालिका कानून का उल्लंघन कर न्यायपालिका की भूमिका नहीं निभा सकती।
- इलेक्टोरल बॉन्ड केस: वे उस संविधान पीठ का हिस्सा थे जिसने राजनीतिक फंडिंग की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले इस अहम मामले की सुनवाई की।
जस्टिस गवई का मुख्य न्यायाधीश बनना न केवल न्यायपालिका में सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूती देगा, बल्कि उनके अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण से न्याय प्रणाली को भी लाभ मिलेगा।

