जश्ने-विरासत: 11 से 13 दिसंबर तक होगा जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल, जेएलएफ के मंच से हुई नई तारीखों की घोषणा

जश्ने-विरासत: 11 से 13 दिसंबर तक होगा जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल, जेएलएफ के मंच से हुई नई तारीखों की घोषणा

जयपुर, 17 जनवरी 2026

| योगेश शर्मा

​गुलाबी नगरी के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक और भव्य अध्याय जुड़ने जा रहा है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के प्रतिष्ठित ‘चारबाग’ सत्र में शनिवार को जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2026 की नई तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया गया। राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक कलेवर में पेश करने वाला यह उत्सव इस वर्ष 11 से 13 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

​तारीखों की घोषणा के इस विशेष सत्र में सवाई पद्मनाभ सिंह, टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय और वेदांता लिमिटेड की डायरेक्टर (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस) रितु झिंगोन ने भाग लिया।

​जयगढ़: ताकत और रणनीति का जीवंत प्रतीक

​इस अवसर पर सवाई पद्मनाभ सिंह ने जयगढ़ किले के ऐतिहासिक महत्व को साझा करते हुए कहा कि महाराजा जय सिंह द्वारा निर्मित यह किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की ताकत, कूटनीतिक रणनीति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है।

​उन्होंने फेस्टिवल के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य जयगढ़ किले को एक ऐसे जीवंत सांस्कृतिक स्थान के रूप में पुनः स्थापित करना है, जो इसकी अद्वितीय वास्तुकला और ऐतिहासिक गहराई का जश्न मना सके। यह उत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक माध्यम बनेगा।”

​वैश्विक सांस्कृतिक गंतव्य बनेगा जयपुर

​टीमवर्क आर्ट्स के संजॉय के. रॉय ने जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल के सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल विरासत, कला और संवाद का एक ऐसा संगम होगा जो न केवल सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ाएगा, बल्कि जयपुर की पहचान को एक ‘ग्लोबल कल्चरल डेस्टिनेशन’ (वैश्विक सांस्कृतिक गंतव्य) के रूप में और अधिक सशक्त करेगा।

​राष्ट्र निर्माण और संस्कृति का मेल

​वेदांता लिमिटेड की ओर से रितु झिंगोन ने साझेदारी के उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि वेदांता की प्रतिबद्धता राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत के संरक्षण की भी है। यही कारण है कि वेदांता, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल जैसे मंचों के साथ मिलकर काम कर रहा है, क्योंकि दोनों के उद्देश्य और मूल्य एक समान हैं।

​क्या होगा खास?

​दिसंबर में होने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन जयगढ़ किले की प्राचीरों के बीच आयोजित होगा, जिसमें:

  • ​ऐतिहासिक विरासत पर गंभीर संवाद और विमर्श।
  • ​पारंपरिक और समकालीन कलाओं की प्रस्तुतियां।
  • ​जयपुर की राजसी संस्कृति का अनुभव कराने वाले विशेष कार्यक्रम।

​जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2026 का लक्ष्य किले के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और विमर्श के मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में पेश करना है।

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