वंदेमातरम् की गूंज और खुले आसमान में गुब्बारे उड़ाकर किया गया कैम्प का औपचारिक उद्घाटन
- रंगमंच, संगीत, नृत्य, डूडल आर्ट और मधुबनी कला सहित विभिन्न विधाओं का मिलेगा प्रशिक्षण
- 16 मई से 20 जून तक चलने वाले इस समर कैम्प में 520 से अधिक बच्चों ने कराया पंजीकरण
- विगत 33 वर्षों से बच्चों की कलात्मक अभिरुचि को निखारने का सतत प्रयास कर रहा है जवाहर कला केन्द्र
जयपुर, 16 मई 2026
नरेश गुनानी
गुलाबी नगरी के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र जवाहर कला केन्द्र (JKK) की ओर से बच्चों के लिए आयोजित ‘जूनियर समर कैम्प 2026’ का शनिवार, 16 मई को भव्य शुभारम्भ हुआ। कैम्प का औपचारिक उद्घाटन पर्यटन, कला एवं संस्कृति शासन सचिव तथा जवाहर कला केन्द्र की महानिदेशक शुचि त्यागी द्वारा किया गया।
समारोह की शुरुआत देशभक्ति से ओतप्रोत वंदेमातरम् की सुमधुर प्रस्तुति से हुई। इसके बाद जेकेके के प्रसिद्ध मुक्ताकाशी मंच पर बड़ी संख्या में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच खुले आसमान में रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर (व्योमीकरण) कैम्प का विधिवत आगाज़ किया गया।
कला और रचनात्मकता से होता है बच्चों का सर्वांगीण विकास
स्वागत उद्बोधन देते हुए शासन सचिव एवं महानिदेशक शुचि त्यागी ने बच्चों की अनूठी प्रतिभा और कला के प्रति उनके बढ़ते रुझान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी सृजनशीलता और रचनात्मकता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कैम्प में भाग ले रहे बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें कला के विभिन्न क्षेत्रों में पूरी लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समर कैम्प में सिखाई जाएंगी ये आधुनिक और पारंपरिक विधाएं
उद्घाटन सत्र के दौरान जवाहर कला केन्द्र की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अनुराधा गोगिया ने कैम्प की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि जूनियर समर कैम्प में बच्चों को कई प्रकार की विधाओं का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- थिएटर एवं अभिनय: बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए रंगमंच (थिएटर) की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
- संगीत एवं वादन: संगीत, गायन के साथ-साथ पारंपरिक और आधुनिक वाद्य यंत्रों जैसे तबला, गिटार, बांसुरी और सिंथेसाइजर का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- नृत्य कला: शास्त्रीय नृत्य कथक, क्षेत्रीय लोकनृत्य और युवाओं में लोकप्रिय वेस्टर्न डांस की कक्षाएं लगेंगी।
- दृश्य कला (Visual Arts): बच्चों की चित्रकारी को नया आयाम देने के लिए डूडल आर्ट, पोर्ट्रेट और प्रसिद्ध पारंपरिक मधुबनी कला सिखाई जाएगी।
- साहित्य विधा: साहित्य के प्रति रुचि जगाने के लिए ‘स्टोरी ट्री’ गतिविधि के माध्यम से बच्चों को कहानी लेखन और वाचन का प्रारंभिक प्रशिक्षण देकर उनकी कल्पनाशीलता को निखारा जाएगा।
20 जून तक चलेगा कैम्प, समापन पर दिखेगा बच्चों का हुनर
डॉ. अनुराधा गोगिया ने जानकारी दी कि इस वर्ष समर कैम्प को लेकर बच्चों और अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह है, जिसके चलते लगभग 520 प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया है। यह कैम्प 16 मई से शुरू होकर 20 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। कैम्प के समापन अवसर पर एक विशेष समारोह होगा, जिसमें सभी प्रतिभागी बच्चे महीने भर सीखे गए अपने हुनर और कला का मंचीय प्रदर्शन (स्टेज परफॉर्मेंस) करेंगे।
33 वर्षों की गौरवशाली विरासत
उल्लेखनीय है कि जवाहर कला केन्द्र विगत 33 वर्षों से कला और संस्कृति के संरक्षण का एक प्रमुख केंद्र रहा है। जेकेके विभिन्न कला विधाओं के परंपरागत गुरुओं और विशेषज्ञों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मक सोच, कलात्मक अभिरुचि और देश की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति सम्मान विकसित करने का सतत प्रयास करता आ रहा है।