नरेश गुनानी
जयपुर | 15 अप्रैल, 2026 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए जल संसाधन विभाग अब मिशन मोड पर कार्य करेगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बुधवार को इंदिरा गांधी नहर भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग की बजट घोषणाओं और प्रगतिरत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के कड़े निर्देश दिए हैं।
अभियंताओं के लिए जयपुर में लगेंगे विशेष कैम्प
जल संसाधन मंत्री ने विभागीय योजनाओं को गति देने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। इसके तहत जयपुर मुख्यालय पर जोनवार अभियंताओं के लिए विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे। इन कैम्पों का मुख्य उद्देश्य होगा:
- कार्य प्रस्तावों (Work Proposals) को तत्काल अंतिम रूप देना।
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में आ रही देरी को दूर करना।
- विभिन्न स्तरों पर लंबित अनुमतियों और धरातलीय समस्याओं का मौके पर समाधान निकालना।
फील्ड विजिट और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर जोर
सुरेश सिंह रावत ने अभियंताओं की जवाबदेही तय करते हुए स्पष्ट किया कि अब केवल कागजों पर प्रगति दिखाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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- नियमित दौरे: अभियंता अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों का नियमित निरीक्षण करें।
- फोटो रिपोर्ट: दौरे के दौरान कार्यों की वास्तविक स्थिति के फोटोग्राफ और रिपोर्ट हर माह मुख्यालय भेजनी होगी।
- जनसंवाद: कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता से संवाद कर फीडबैक लिया जाए।
- गुणवत्ता जांच: पाइप, सीमेंट और सरिये जैसी निर्माण सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
”कार्यों में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री स्वयं जल प्रबंधन की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, अतः गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।” — सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री
प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर मंथन
बैठक के दौरान प्रदेश की कई महत्वपूर्ण सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
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- देवास और जवाई बांध: सेई बांध के अधिशेष पानी को जवाई बांध तक पहुँचाने के लिए सुरंग की क्षमता बढ़ाना।
- नहर प्रणाली: पार्वती मुख्य नहर (बारां) का सुदृढ़ीकरण और परवन वृहद बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना।
- अन्य महत्वपूर्ण कार्य: कालीतीर लिफ्ट स्कीम, धौलपुर लिफ्ट, ईसरदा बांध, देवास, बागोलिया फीडर, और तकली मध्यम सिंचाई परियोजना।
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विशेष ड्राइव और मॉनिटरिंग
अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने बैठक में बताया कि विभाग द्वारा वर्तमान में परियोजना क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए एक ‘विशेष ड्राइव’ चलाई जा रही है। जल संसाधन मंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे नियमित रूप से जारी रखने और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव भुवन भास्कर, मुख्य अभियंता (पश्चिम) अमरजीत सिंह सहित विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।