जल संरक्षण पुण्य का काम, इसे पूरे मनोयोग से करें: प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म

नरेश गुनानी 

  • वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत प्रभारी मंत्री ने प्राचीन चौपड़ा मंदिर में किया श्रमदान
  • प्राचीन बावड़ियां और जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक धरोहर, इनका संरक्षण भावी पीढ़ी के लिए जरूरी
  • प्रभारी मंत्री ने चौपड़ा महादेव की पूजा-अर्चना कर सर्व कल्याण की कामना की, सरकारी और निजी भवनों की छतों की सफाई के दिए निर्देश

जयपुर, 29 मई 2026

प्रदेश में जल और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 25 मई से शुरू हुए ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संग्रहण, पारंपरिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार, जनसहभागिता से स्वच्छता और आमजन में जागरूकता पैदा करना है। इसी कड़ी में जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने ऐतिहासिक चौपड़ा मंदिर परिसर में पहुंचकर श्रमदान किया और जल स्रोतों को सहेजने का संदेश दिया।

यह सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन अभियान है

​प्राचीन चौपड़ा मंदिर में स्थित ऐतिहासिक बावड़ी पर श्रमदान करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा:

​”जल का संरक्षण करना केवल हमारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक पुण्य का कार्य है। इसे हम सभी को पूरे मनोयोग से करना चाहिए। यह अभियान महज एक राजकीय (सरकारी) कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक व्यापक जन अभियान है। इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर जल और समग्र पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कार्य करने की आवश्यकता है।”

 

जल निकायों को प्लास्टिक मुक्त रखने की अपील

​प्रभारी मंत्री ने आमजन से अपनी पारंपरिक धरोहरों के प्रति संवेदनशील होने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बावड़ी और अन्य जल निकायों को हमेशा स्वच्छ रखें और इन्हें पूरी तरह से ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने में अपना योगदान दें। प्राचीन चौपड़ा महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश के सर्व कल्याण की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन बावड़ियां और जल स्रोत हमारी महान सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।

प्रशासन को निर्देश: समय पर पूरी हो मरम्मत, बनाई जाए सुंदर वाटिका

​प्रभारी मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को मंदिर और बावड़ी परिसर के रखरखाव को लेकर कड़े निर्देश दिए:

  • नियमित साफ-सफाई और मरम्मत: बावड़ी एवं मंदिर परिसर की नियमित सफाई, सुचारू जल निकासी व्यवस्था और आवश्यक मरम्मत के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
  • पौधारोपण कर बनेगी वाटिका: उन्होंने जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी को निर्देशित किया कि मंदिर परिसर की बेहतरीन साफ-सफाई सुनिश्चित कराते हुए बावड़ी के पास खाली जगह पर पौधारोपण कर एक सुंदर वाटिका (बगीचा) विकसित की जाए।
  • मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे: पूर्व में बिजौली क्षेत्र में किए गए वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां जो पौधे सूख गए हैं या मृत हो चुके हैं, उनके स्थान पर तुरंत नए पौधे लगाए जाएं।

भवनों को जर्जर होने से बचाने के लिए छतों की सफाई जरूरी

​समारोह के दौरान प्रभारी मंत्री ने एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक पहलू की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु से पहले सभी सरकारी भवनों की छतों की गहन साफ-सफाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने निजी मकानों की छतों की सफाई करें। सरकारी और निजी भवनों की दीवारों या छतों पर उगने वाले पीपल, बरगद या अन्य पौधों को तुरंत निकाला जाए, क्योंकि इनकी जड़ें भवनों को कमजोर करती हैं और उन्हें जर्जर बना देती हैं।

समारोह में ये रहे उपस्थित

​इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित जिले के विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक व खेल प्रेमी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रभारी मंत्री के साथ जल संरक्षण का संकल्प लिया।

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