नरेश गुनानी
जयपुर, 17 मई। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर एक बड़ा जन आंदोलन बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान का संदेश गांव-गांव तक पहुँचे और शहरों से लेकर ग्राम स्तर तक आमजन और प्रशासन की भागीदारी पूरी तरह सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, जल संचय जन भागीदारी 2.0 और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।
25 मई से 5 जून तक आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 25 मई (गंगा दशमी) से 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक प्रदेशभर में जल संरचनाओं के पूजन-नमन के साथ विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
- धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी: उन्होंने कहा कि आमजन को गंगा दशमी के धार्मिक, भावनात्मक और पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराया जाए, ताकि लोग जल संरक्षण के प्रति स्वतः प्रेरित हो सकें।
- समाज की भागीदारी: इस अभियान की सफलता के लिए सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग और स्वयं सेवी संस्थाओं (NGOs) को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग पर ज़ोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्षा जल के अधिकतम उपयोग और गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए:
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- वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम: प्रदेश के मकानों और इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को और अधिक विकसित व अनिवार्य किया जाए।
- नई जल संरचनाओं का विकास: जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक नई जल संरचनाओं का निर्माण किया जाए।
“पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ” को एक मुख्य जन संदेश बनाकर गांव-गांव तक प्रचारित किया जाए। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने के लिए कुएं, तालाब और बावड़ियों जैसी पारंपरिक जल संरचनाओं की साफ-सफाई व जीर्णोद्धार किया जाए और उनकी पाल (किनारों) पर सघन पौधारोपण किया जाए।
— भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
प्रगति रिपोर्ट और समन्वय के निर्देश
उच्च स्तरीय बैठक में जल संचय जन भागीदारी 2.0 और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियानों की अब तक की प्रगति का एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। मुख्यमंत्री ने अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने की हिदायत दी।
बैठक में मुख्य उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।