जल प्रलय में दिवंगतों को खातीपुरा व्यापार मंडल ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
गंगोत्री त्रासदी में मृतकों के लिए रखी गई दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि सभा, लापता लोगों की सकुशल वापसी की प्रार्थना
By : लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 06,2025
जयपुर/खातीपुरा। उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र में धराली, हरसिल और सुक्कि टॉप में हाल ही में आई भीषण जल प्रलय ने जनजीवन को गहरा आघात पहुंचाया है। बादल फटने से आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक चार लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें सेना के 9 जवान भी शामिल हैं। कई गांव पूरी तरह तबाह हो गए हैं, सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं और राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है।
इसी त्रासदी में दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु खातीपुरा व्यापार मंडल की ओर से मंगलवार को पवनपुत्र पार्क, हनुमान नगर विस्तार, खातीपुरा, जयपुर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी, गणमान्य नागरिक और समाजसेवी उपस्थित रहे।
सभा में मौजूद सभी लोगों ने भारी मन से मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की कि लापता लोगों की शीघ्र सकुशल वापसी हो। साथ ही, भारतीय सेना और राहतकर्मियों के साहसिक प्रयासों के लिए धन्यवाद एवं साधुवाद व्यक्त किया गया। सेवा कैंप से लापता हुए 11 जवानों की सुरक्षित वापसी की भी विशेष प्रार्थना की गई।
सरकार से राहत-बचाव कार्य तेज करने की अपील
सभा के दौरान वक्ताओं ने स्थानीय और राज्य सरकार से आग्रह किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया जाए और घायलों को निशुल्क एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
प्रमुख उपस्थितजन
श्रद्धांजलि सभा में खातीपुरा व्यापार मंडल अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़, सुरेंद्र सिंह मिठड़ी, पंडित नरेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. बजरंग सिंह राठौड़, चीफ आर्किटेक्ट शिवकुमार कुमावत, दुर्गा सिंह निमेड़ा, कर्नल जेपी गुर्जर, भंवर सिंह शेखावत, रघुनंदन सिंह जोधा, जितेंद्र सिंह जोधा, भगवान सिंह राठौड़ और रामेश्वर मीणा विशेष रूप से मौजूद रहे।
सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और “ॐ शांति ॐ शांति” का उच्चारण करते हुए सभा का समापन किया। अंत में मंडल अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़ ने सभी उपस्थितजनों का आभार प्रकट किया और आपसी सहयोग की भावना को बनाए रखने का आह्वान किया।