| नरेश गुनानी

जयपुर, 27 मार्च 2026 राजस्थान ने जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में देश भर में अपनी दक्षता का लोहा मनवाया है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की प्रथम गणना को रिकॉर्ड समय में पूरा करने के लिए राजस्थान को राष्ट्रीय शील्ड एवं प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया है।
विश्व जल दिवस कॉन्क्लेव में मिला सम्मान
यह प्रतिष्ठित सम्मान नई दिल्ली स्थित डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘विश्व जल दिवस कॉन्क्लेव’ के दौरान प्रदान किया गया। राजस्थान की ओर से मुख्य अभियंता (SWRD) ने मंत्रालय के अधिकारियों से यह पुरस्कार ग्रहण किया।
प्रशासनिक दक्षता और टीम वर्क की जीत
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए इसे विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं के टीम वर्क का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से आंकड़ों का संकलन और सत्यापन करना राज्य की प्रशासनिक सजगता को दर्शाता है।
सफलता के मुख्य कारक:
- सटीक डेटा प्रबंधन: अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता स्तर तक डेटा की पोर्टल पर समयबद्ध अपलोडिंग।
- प्रशिक्षण: राज्य स्तर पर आयोजित विशेष कार्यशालाओं ने गणना प्रक्रिया को गति प्रदान की।
- समय से पूर्व कार्य: निर्धारित समय सीमा से पहले कार्य पूर्ण करना प्रदेश की प्रभावी जल नीति का हिस्सा है।
गणना का उद्देश्य और ढांचा
जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशन में यह गणना पूरे देश में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, भविष्य की योजना निर्माण और सटीक नीति निर्धारण के लिए की जा रही है।
वर्तमान में जारी गणना कार्य:
- वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की प्रथम गणना (राजस्थान ने पूर्ण की)।
- लघु सिंचाई परियोजनाओं की सातवीं गणना।
- जल निकायों (Water Bodies) की द्वितीय गणना।
- स्प्रिंग्स की प्रथम गणना।
नोडल एजेंसियों की भूमिका
राजस्थान में इन गणनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिम्मेदारियां विभाजित की गई हैं:
- जल संसाधन विभाग: वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की गणना के लिए नोडल विभाग (निदेशक, नहर, जयपुर राज्य नोडल अधिकारी)।
- राजस्व विभाग: अन्य गणनाओं (लघु सिंचाई, जल निकाय आदि) के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्यरत है।
यह पुरस्कार न केवल विभाग के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में राज्य के जल बजट और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बेहतर डेटा विश्लेषण का आधार भी बनेगा।
