जयपुर, 04 जून | सुनील शर्मा
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और सुदृढ़ बनाने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने एक विशेष पहल शुरू की है। जिला कलक्टर संदेश नायक के निर्देशानुसार, जिले के चयनित गांवों में जिला प्रशासन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संयुक्त दल द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों का सघन और व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है।
इस निरीक्षण अभियान से जमीनी हकीकत का आकलन कर एक व्यापक ‘डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान’ (जिला सुधार योजना) तैयार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता का विस्तृत मूल्यांकन
संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा गांवों में जाकर पेयजल योजनाओं की वर्तमान प्रगति, हर घर जल के तहत घरेलू नल कनेक्शनों की वास्तविक स्थिति, पानी की गुणवत्ता और जलापूर्ति की नियमितता का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दल ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याओं, उनके बहुमूल्य सुझावों और अपेक्षाओं को दर्ज किया गया ताकि उनका स्थायी समाधान निकाला जा सके।
40 में से 23 योजनाओं का निरीक्षण पूरा
जिला कलक्टर ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न ब्लॉकों की कुल 40 जल योजनाओं का निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित ब्लॉक शामिल हैं:
- झोटवाड़ा, जोबनेर, आमेर, गोविंदगढ़, सांभर, किशनगढ़-रेनवाल, फागी, सांगानेर, चाकसू, बस्सी, जालसू, आंधी, जमवारामगढ़, मौजमाबाद, दूदू, कोटखावदा, तुंगा, माधोराजपुरा एवं शाहपुरा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 03 जून 2026 तक कुल 23 जल योजनाओं का निरीक्षण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। शेष बची 17 योजनाओं का निरीक्षण भी आगामी दिनों में तेजी से पूरा कर लिया जाएगा।
सांसद और विधायकों ने संभाला मोर्चा, फील्ड में जाकर लिया जायजा
अभियान की गंभीरता को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्रों का दौरा किया। सांसद सीकर अमराराम, विधायक चौमूं शिखा मील बराला तथा पूर्व विधायक फुलेरा निर्मल कुमावत ने विभिन्न ग्रामों का व्यक्तिगत रूप से भ्रमण किया। उन्होंने मौके पर जाकर पेयजल व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कार्य प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए तकनीकी टीम को आवश्यक सुझाव दिए।
भ्रमण के दौरान जहां भी कार्य में कमी या शिथिलता पाई गई, वहां निरीक्षण दल ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
कमियों को दूर कर बनेगा ‘डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान’
इस पूरे अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी इसके बाद तैयार होने वाली कार्ययोजना है। फील्ड स्तर पर जो भी कमियां चिन्हित की गई हैं और जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से जो भी सुझाव मिले हैं, उनके आधार पर एक ‘डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान’ तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत मिलने वाली सेवाओं को पूरी तरह जनहितकारी और निर्बाध बनाना है।
“ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए इस प्रकार के समीक्षा अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। प्राप्त सुझावों के आधार पर सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।”
— संदेश नायक, जिला कलक्टर, जयपुर