मुस्कान तिवाड़ी
जयपुर, ०२ जून। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए कलक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रतिभा वर्मा ने की। बैठक में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत और सुचारू बनाने के साथ-साथ मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
लंबित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जितने भी जल सेवा आकलन के कार्य बकाया हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इन कार्यों के पूरे होने से जिले में जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाई जा सकेगी, जिसे मंजूरी के लिए समय पर आगे भेजा जा सकेगा।
विद्युत बिल और योजनाओं के संचालन पर चर्चा
बैठक के दौरान जिले में चल रहे जल सेवा आकलन कार्यक्रम और लंबित ‘हर घर जल प्रमाणीकरण’ के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान सरपंच संघ के अध्यक्ष और ग्राम विकास अधिकारी संघ के पदाधिकारियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई।
- सरपंच संघ की मांगें: हर घर जल प्रमाणीकरण के मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरपंच संघ ने ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के बिजली बिलों के भुगतान और उनके संचालन व रखरखाव (संधारण) से जुड़े महत्वपूर्ण विषय बैठक में उठाए।
- जेजेएम २.० की शर्त: बैठक में अधिकारियों द्वारा साफ किया गया कि जल जीवन मिशन २.० के तहत नए प्रस्तावित कार्य तभी शुरू किए जा सकेंगे, जब जल जीवन मिशन १.० के बचे हुए कार्य पूरी तरह संपन्न हो जाएंगे। अधिकारियों ने सरपंच संघ से प्रमाणीकरण के काम में तेजी लाने के लिए सहयोग मांगा, जिस पर संघ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए पूरे सहयोग का भरोसा दिया।
बैठक में रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों, विभिन्न ब्लॉकों के विकास अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए।