नरेश गुनानी
जयपुर, 19 जून। आमजन की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए राज्य सरकार की गंभीरता के क्रम में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की निदेशक एवं पदेन विशिष्ट शासन सचिव कल्पना अग्रवाल ने शुक्रवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के कॉल सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित परिवादों और मांगों के निस्तारण की जमीनी स्थिति की समीक्षा की और खुद फोन पर परिवादियों से बात कर फीडबैक लिया।
1,643 शिकायतों में से 1,372 का हुआ सफल निस्तारण
समीक्षा के दौरान निदेशक ने विभागीय कार्यप्रणाली के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर अब तक विभाग से संबंधित कुल 1,643 परिवाद प्राप्त हुए हैं। विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 1,372 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया है।
बाकी बचे मामलों को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- नियमित समीक्षा: हर विभागीय बैठक में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की अनिवार्य रूप से और नियमित समीक्षा की जाए।
- अधिकारियों की जवाबदेही: जिन जिलों में शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरती जा रही है या अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निदेशक ने खुद फोन उठाकर परिवादियों से की बात, मिला सकारात्मक फीडबैक
निरीक्षण के दौरान कल्पना अग्रवाल ने कॉल सेंटर से विभिन्न जिलों के परिवादियों से स्वयं दूरभाष पर सीधा संवाद किया। इस बातचीत में जनता की ओर से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
बालोतरा जिले के जबरू खान से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने खेत में निर्मित टांके की गुणवत्ता संबंधी समस्या के समाधान पर संतोष व्यक्त किया। इसी तरह जालौर के धर्मराज, डीडवाना-कुचामन के ओमप्रकाश, बालोतरा के हुसैन खान तथा जैसलमेर के ताराचंद से टांका निर्माण एवं गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई, जिस पर सभी परिवादियों ने विभाग की कार्रवाई पर पूरी संतुष्टि जताई।
इसके अतिरिक्त चित्तौड़गढ़ जिले के एक परिवादी ने अवगत कराया कि उनके क्षेत्र में स्थित नाले के दोनों तरफ एनीकट बनने से उत्पन्न अवरोध को हटाने की मांग संपर्क पोर्टल पर की गई थी, जिसका समाधान कर दिया गया है। पोर्टल के माध्यम से अलवर जिले से संवेदक हीरालाल की भुगतान संबंधी शिकायतों का भी निवारण किया गया, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। वहीं कोटपुतली-बहरोड़ से पप्पू सिंह से बात कर निदेशक ने एनीकट को गहरा करवाने की मांग पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री की अनूठी पहल का दिख रहा असर
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत विभिन्न विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं।
बड़ी राहत: सरकार की इस अनूठी पहल के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को अब अपनी शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराकर उनके शीघ्र और पारदर्शी समाधान का सीधा लाभ प्राप्त कर रहे हैं।