जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने की व्यवस्था होगी और मजबूत, भुगतान में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: हीरालाल नागर
जयपुर | 18 फरवरी, 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान के ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की कि प्रदेश में जले हुए ट्रांसफार्मरों को बदलने की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा ट्रांसफार्मर परिवहन के बदले मिलने वाली राशि के भुगतान में यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो विभागीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसफार्मर परिवहन और 700 रुपये का मानदेय
प्रश्नकाल के दौरान विधायक राजेंद्र द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री ने ट्रांसफार्मर बदलने की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी:
- लिफ्टर की सुविधा: डिस्कॉम द्वारा हर सब-डिवीजन स्तर पर एक-एक लिफ्टर की व्यवस्था की गई है। इनका काम खराब ट्रांसफार्मर को लाना-ले जाना और बदलना है।
- किसानों के लिए विकल्प: कई बार किसान फसल बचाने के लिए 72 घंटे का इंतजार नहीं करना चाहते और स्वयं के स्तर पर ट्रांसफार्मर ले जाते हैं। ऐसी स्थिति में विभाग परिवहन के बदले 700 रुपये की राशि उपभोक्ता के बिजली बिल में समायोजित (Adjust) करता है।
- सख्त निर्देश: इस राशि के समायोजन में किसी भी स्तर पर धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भूमिगत विद्युत लाइन और गुणवत्ता की जांच
नगरीय क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबलिंग को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि:
- निकायों की जिम्मेदारी: भूमिगत लाइन बिछाने का कार्य मुख्य रूप से स्थानीय नगर निकायों द्वारा कराया जाता है। विद्युत निगम केवल डीपीआर (DPR) तैयार करता है और राशि जमा होने पर कार्य करता है।
- घटिया कार्य पर कार्यवाही: पिछली सरकार के समय किए गए टेंडरों में यदि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया, तो उन शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।
महवा विधानसभा क्षेत्र में कृषि कनेक्शन की स्थिति
विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में ऊर्जा मंत्री ने बताया कि:
- लंबित कनेक्शन: महवा क्षेत्र में 5 जनवरी 2026 तक मांगपत्र जमा कराने वाले 242 कृषि कनेक्शन लंबित हैं, जिन्हें वरीयता के आधार पर जारी किया जा रहा है।
- नई कट-ऑफ डेट: सामान्य श्रेणी के 1002 आवेदकों को राज्य सरकार द्वारा नई कट-ऑफ डेट घोषित होने के बाद कनेक्शन दिए जाएंगे।
- प्राथमिकता: ‘कृषि नीति-2017’ के अनुसार अनुसूचित जाति, बूंद-बूंद सिंचाई, फव्वारा और डिग्गी योजना के आवेदकों को प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
- स्थानीय व्यवस्था: महवा में वर्तमान में संविदाकार के माध्यम से 03 लिफ्टरों द्वारा जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य किया जा रहा है।
