जली हुई लाश और पापड़ का पैकेट… आंध्र प्रदेश के ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ का ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासा

क्राइम डेस्क, विशेष रिपोर्ट: गौरव कोचर / अनंतपुर आंध्र प्रदेश /अपराध कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया गया हो, कानून के हाथ कातिलों तक पहुंच ही जाते हैं। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में सामने आए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने वैज्ञानिक पद्धति और महज एक पापड़ के पैकेट की मदद से पर्दाफाश कर दिया है। शुरुआत में पूरी तरह ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ बन चुकी इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने कड़ियों से कड़ियों को जोड़ा और दो आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

​खेत में मिली अधजली लाश, पहचान मिटाने की थी साजिश

​घटना की शुरुआत बीती 23 जून को हुई, जब अनंतपुर के डी. हिरेहल मंडल के पुलाकुर्थी गांव के पास एक सूने खेत में ग्रामीणों ने एक अधजला शव देखा।

  • पहचान छिपाने की कोशिश: हत्यारों ने सबूत और मृतक की पहचान पूरी तरह मिटाने के उद्देश्य से शव को बुरी तरह जला दिया था।
  • कोई चश्मदीद नहीं: चूंकि घटना एक सुनसान कृषि भूमि पर हुई थी, इसलिए पुलिस के पास न तो कोई चश्मदीद गवाह था और न ही कोई शुरुआती सुराग। इसके बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से जांच आगे बढ़ाने का फैसला किया।

​’पापड़ का पैकेट’ बना तफ्तीश का टर्निंग पॉइंट

​क्राइम सीन का बारीकी से मुआयना करते समय फॉरेंसिक टीम को कुछ सामग्रियां मिलीं, जिनमें एक अधजला कन्नड़ अखबार, जले हुए कपड़ों के अवशेष, एक जनेऊ और पापड़ का एक खाली पैकेट शामिल था। पहली नजर में कचरा दिखने वाला यह पैकेट ही इस केस का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

​सप्लाई चेन खंगालते हुए कर्नाटक पहुंची पुलिस

​जांचकर्ताओं ने पैकेट पर लिखे विवरण से उसके निर्माता का पता लगाया, जिसका कनेक्शन चेन्नई से था। चेन्नई से उस पापड़ की सप्लाई चेन (वितरण नेटवर्क) का पीछा करते हुए पुलिस कड़ियों को जोड़कर पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बल्लारी जिले तक जा पहुंची। वहां पुलिस को पता चला कि बल्लारी का रहने वाला एक मूक-बधिर पापड़ विक्रेता, जिसका नाम गुरुराजू राव था, कई दिनों से रहस्यमय ढंग से लापता है। घटनास्थल से मिले जनेऊ और अन्य साक्ष्यों के मिलान के बाद पुष्टि हो गई कि वह अधजला शव गुरुराजू राव का ही था।

​मर्डर के बाद एटीएम से निकले पैसे और सीसीटीवी से खुला राज

​मृतक की पहचान होते ही पुलिस ने उसकी वित्तीय गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि गुरुराजू राव की हत्या के बाद भी उसके एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर पैसे निकाले जा रहे थे।

​पुलिस ने तुरंत उन एटीएम केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध युवक पैसे निकालता दिखा, जो आपस में बात करने के लिए सांकेतिक भाषा (Sign Language) का इस्तेमाल कर रहा था। इस तकनीकी सुराग, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को पूरी तरह लोकेट कर लिया।

​लालच की खूनी दास्तान: अपने ही निकले कातिल

​अनंतपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) पी. जगदीश ने मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की वजह सिर्फ और सिर्फ पैसा थी।

​”आरोपियों को यह अच्छी तरह मालूम था कि गुरुराजू राव अपने पापड़ के कारोबार और मंदिर की गतिविधियों से अच्छी कमाई करता है और उसके पास काफी मोटी रकम जमा है। इसी नकद और संपत्ति के लालच में आरोपियों ने उसे सुनसान जगह पर बुलाया, उसकी बेरहमी से हत्या की और पहचान छिपाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया। वारदात के बाद वे मृतक की मोटरसाइकिल, मोबाइल और एटीएम कार्ड लूटकर फरार हो गए थे।”

 

​सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञों की मदद से पूछताछ, दोनों आरोपी गिरफ्तार

​8 जुलाई को पुलिस ने एक सटीक घेराबंदी करते हुए डी. हिरेहल मंडल के ओबुलापुरम क्रॉस के पास से दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

  • आरोपियों की पहचान: पकड़े गए आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय बसवराजू और 36 वर्षीय कोटरेश के रूप में हुई है, जो कर्नाटक के बल्लारी के ही रहने वाले हैं।
  • मूक-बधिर हैं आरोपी: चूंकि दोनों आरोपी मूक-बधिर (बोलने और सुनने में अक्षम) हैं, इसलिए पुलिस को उनसे पूछताछ करने के लिए विशेष रूप से सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञों (Sign Language Experts) की मदद लेनी पड़ी।

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक गुरुराजू राव की टीवीएस एक्सएल (TVS XL) मोटरसाइकिल, लूटा गया मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और पापड़ के बंडल बरामद कर लिए हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अंतिम निष्कर्ष (गौरव कोचर की रिपोर्ट): यह मामला इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई ऐसी गलती जरूर कर बैठता है जो उसे कानून के कटघरे में खड़ा कर देती है। बिना किसी प्रत्यक्षदर्शी के, सिर्फ एक पापड़ के पैकेट और आधुनिक फॉरेंसिक व डिजिटल जांच के दम पर पुलिस ने इस पेचीदा मर्डर केस को सुलझाकर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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