जयपुर। योगेश शर्मा
विद्यार्थियों के ग्रीष्मावकाश का सदुपयोग करने और उनकी बहुमुखी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जयपुर के प्रतिष्ठित जयश्री पेड़ीवाल हाई स्कूल द्वारा ‘ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर’ (सदर कैंप) का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों को खेल-खेल में सृजनात्मक, मनोरंजक और जीवनोपयोगी कौशल सिखाए गए। शिविर के अंतिम दिन आयोजित हुए भव्य समापन समारोह में बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नाटक और नृत्य से दिया सामाजिक संदेश
शिविर में बच्चों की अभिनय क्षमता और आत्मविश्वास को निखारने के लिए विशेष नाटक व नृत्य कक्षाओं का संचालन किया गया।
- प्रकृति संरक्षण का संकल्प: नन्हें बच्चों ने ‘केयर फॉर नेचर एवरी डे’ गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति देकर संदेश दिया कि जिस तरह प्रकृति हमारा ध्यान रखती है, वैसे ही हमें भी हर दिन इसकी देखभाल करनी चाहिए।
- आत्मविश्वास की सीख: बच्चों ने ‘आई कैन डू इट’ गीत गाकर यह साबित किया कि यदि मन में दृढ़ विश्वास और मेहनत का जज्बा हो, तो हर मुश्किल काम आसान हो जाता है।
रचनात्मक विधाओं और पाक-कला में हासिल की दक्षता
इस समर कैंप में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर विभिन्न व्यावहारिक और पारंपरिक कलाओं से जोड़ा गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया:
- क्राफ्ट और आर्ट: बच्चों ने पोटरी मेकिंग, फ्लावर मेकिंग, स्टेंसिल आर्ट, कैनवास पेंटिंग, मेक्रेमे पॉट होल्डर और ब्लॉक पेंटिंग जैसी विधाओं की बारीकियां सीखीं।
- खेलों की तकनीक: विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के खेलों का चयन कर उनके नियम और खेल भावना को समझा।
- फायरलेस कुकिंग (पाक-कला): पाक-कला की विशेष कक्षा में बच्चों ने स्वयं स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए और अपने हाथ से बने व्यंजनों का स्वाद चखकर बेहद आनंदित हुए।
पेरेंट-चाइल्ड ट्विनिंग प्रतियोगिता रही विशेष आकर्षण
शिविर की सबसे अनूठी और आकर्षक गतिविधियों में ‘पेरेंट-चाइल्ड ट्विनिंग ट्रेंड्स टी-शर्ट प्रतियोगिता’ शामिल रही। इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ एक टीम के रूप में काम किया। दोनों ने मिलकर अपनी रचनात्मकता और बेहतरीन तालमेल (coordination) का प्रदर्शन करते हुए खूबसूरत टी-शर्ट्स डिजाइन कीं।
समापन समारोह: ‘पाइड पाइपर’ और ‘यमराज की अदालत’ नाटकों ने लूटी वाहवाही
शिविर के अंतिम दिन एक भव्य समापन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा मंचित दो नाटकों ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा:
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- पाइड पाइपर (अंग्रेजी नाटक): बच्चों ने इस क्लासिक कहानी को आधुनिक और समकालीन रूप में प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत—डिजिटल संतुलन (स्क्रीन टाइम कम करना), आत्म-अनुशासन और संतुलित जीवन शैली के प्रति लोगों को जागरूक किया।
- यमराज की अदालत (हिंदी नाटक): इस नाटक के जरिए बच्चों ने दर्शकों को ‘कर्म प्रधान’ होने का संदेश दिया। उन्होंने हास्य और व्यंग्य के पुट के साथ सिखाया कि इंसान जैसा कर्म करेगा, उसे वैसा ही फल भुगतना पड़ेगा, इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए।
तालियों से गूंज उठा सभागार
विद्यार्थियों के शानदार गायन, थिरकाते नृत्य और दमदार अभिनय को देखकर कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों की आंखें खुशी से छलक आईं। बच्चों की इन मनमोहक और संदेशपरक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं, जिससे पूरा सभागार काफी देर तक गूंजता रहा। स्कूल प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिविर के सफल समापन की घोषणा की।