जयपुर से रिपोर्ट | ACB स्थापना दिवस समारोह : सीएम भजनलाल बोले – भ्रष्टाचार एक दीमक, नहीं बख्शेंगे दोषियों को

जयपुर से रिपोर्ट | ACB स्थापना दिवस समारोह : सीएम भजनलाल बोले – भ्रष्टाचार एक दीमक, नहीं बख्शेंगे दोषियों को
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया, तंत्र को मजबूत करने पर दिया ज़ोर

By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 15,2025

जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का 68वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में भाग लेते हुए ब्यूरो और अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

भ्रष्टाचार एक दीमक है, व्यवस्था को खोखला करता है – सीएम शर्मा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि –

“भ्रष्टाचार एक ऐसी दीमक है जो व्यवस्था को अंदर से खोखला करती है। यह जनता के हक को छीनता है और समाज में असमानता को बढ़ावा देता है।”

सीएम शर्मा ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग – किसान, महिलाएं, युवा – जो योजनाओं के जरिए सशक्त होने की ओर बढ़ते हैं, उन्हें भ्रष्टाचार सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। योजनाएं केवल फाइलों में सिमटकर रह जाती हैं अगर भ्रष्टाचार हस्तक्षेप करता है।

भ्रष्ट अधिकारियों की पेंशन रोकने तक के कदम

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि –

“भ्रष्ट अधिकारी चाहे किसी भी पद पर हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हमने उनकी पेंशन रोकने जैसे सख्त कदम भी उठाए हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति को न सिर्फ कागजों में, बल्कि कार्रवाई के स्तर पर लागू किया है। इसका उदाहरण उन्होंने हाल ही में ACB द्वारा अपने ही एडिशनल एसपी को ट्रैप किए जाने से दिया।

“जब तक हाथ-पैर मज़बूत नहीं होंगे, तंत्र मज़बूत नहीं होगा”

सीएम ने कहा कि तंत्र को मज़बूत बनाने के लिए संसाधनों की आपूर्ति बढ़ाई गई है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जब तक पुलिस और प्रशासनिक ढांचे के ‘हाथ-पैर’ मज़बूत नहीं होंगे, तब तक भ्रष्टाचार पर निर्णायक प्रहार संभव नहीं है।


सुधांश पंत बोले – फाइल डिस्पोजल में आई तेज़ी, फैसले लटकाना ही असली करप्शन

समारोह के दौरान राज्य के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा –

“निर्णयों को लंबित करना ही भ्रष्टाचार की जड़ है। अब औसतन 2 से ढाई घंटे में फाइलों का निस्तारण हो रहा है। जब मैं CS था, मेरा फाइल डिस्पोजल औसत 24 मिनट था। इसका मतलब है हर स्तर पर सुधार संभव है।”

पंत ने यह भी कहा कि ACB का काम सिर्फ जांच करना नहीं, बल्कि भय का वातावरण भी बनाना है ताकि कोई भी अधिकारी गलत कदम उठाने से पहले सौ बार सोचे।


DG राजीव शर्मा ने की थी शुरुआत

मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि वर्तमान DGP राजीव शर्मा, जब ACB में DG थे, तभी से स्थापना दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई थी, जो अब एक नियमित परंपरा बन गई है।

समारोह में स्पष्ट संकेत दिया गया कि राजस्थान सरकार अब भ्रष्टाचार के प्रति पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। न सिर्फ आम जनता को न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया गया, बल्कि यह भी संकेत दिया गया कि अब प्रशासनिक व्यवस्था को ‘भयमुक्त और जवाबदेह’ बनाने की दिशा में ठोस पहल हो रही है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related

विकसित भारत 2047 की परिकल्पना: सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय शिक्षा शिखर सम्मेलन का शुभारंभ

जयपुर।/योगेश शर्मा/सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय (एसजीवीयू), जयपुर में तीन...