जयपुर सेप्टिक टैंक हादसा: चार मजदूरों की मौत के बाद गरमाई राजनीति, गहलोत-खाचरियावास हमलावर
Reported By: मुस्कान तिवाड़ी
Edited By: नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 27, 2025
जयपुर, राजस्थान – राजधानी जयपुर के सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक ज्वैलरी फैक्ट्री में सोमवार रात हुए दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब आठ मजदूरों को सेप्टिक टैंक में सफाई के नाम पर उतारा गया, जहां जहरीली गैस की चपेट में आकर चार की मौत हो गई और चार अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के निवासी थे।
हादसे की पृष्ठभूमि:
जानकारी के अनुसार, ज्वैलरी फैक्ट्री में सोने-चांदी के जेवरों के निर्माण के दौरान केमिकल के साथ कीमती धातुओं के कण भी टैंक में चले जाते हैं। इन्हें छानने के उद्देश्य से टैंक की सफाई की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत आठ मजदूरों को टैंक में बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के उतारा गया। जहरीली गैस से दम घुटने के कारण हादसा हुआ। पुलिस के मुताबिक, मामला फिलहाल दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन पीड़ित परिवारों की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद सियासी घमासान:
घटना के बाद राजस्थान की राजनीति में उबाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है।

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा,
“पिछले 10 दिनों में डीग, बीकानेर और अब जयपुर में 11 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है। बजट में मशीनें खरीदने की घोषणा हुई थी लेकिन वह अभी तक कागजों में ही है। सरकार कब जागेगी?”
गोविंद सिंह डोटासरा ने घटना को “घोर लापरवाही” करार देते हुए लिखा,
“यह भाजपा सरकार की सफाईकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर उदासीनता है। बार-बार ऐसे हादसे हो रहे हैं और सरकार को कोई परवाह नहीं है।”
प्रताप सिंह खाचरियावास ने फैक्ट्री मालिकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,
“मजदूरों को सोने-चांदी के कण ढूंढने के लालच में जान जोखिम में डालकर टैंक में उतारा गया। यह फैक्ट्री मालिकों की लालच और लापरवाही का नतीजा है। FIR दर्ज की जाए और मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाया जाए।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे खुद घटनास्थल का दौरा करेंगे और अस्पताल में इलाजरत मजदूरों से मिलेंगे।
प्रशासन की स्थिति:
सांगानेर सदर थाने के इंस्पेक्टर अनिल जैमिनी ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। मृतकों की पहचान संजीव पाल, हिमांशु सिंह, रोहित पाल और अर्पित के रूप में हुई है।
यह हादसा ना केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा को लेकर राज्य में अभी भी गंभीर खामियां मौजूद हैं। मशीनों की जगह इंसानों से यह कार्य करवाना कानूनन अपराध है और यह हादसा फैक्ट्री मालिकों की लापरवाही का प्रतीक बन गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या दोषियों को सजा दिलाने के साथ पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।

