योगेश शर्मा
जयपुर। राजधानी के सी-स्कीम स्थित धुलेश्वर गार्डन के हनुमान मंदिर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय श्री हनुमान कथा का आज श्रद्धा और उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। कथा के पहले ही दिन भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
हनुमान जी शक्ति ही नहीं, भक्ति के भी आदर्श: साध्वी लोकेशा भारती
कथा के प्रथम दिवस पर संस्थान की ओर से पधारीं साध्वी लोकेशा भारती ने पवनपुत्र हनुमान के जीवन प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि हनुमान जी का चरित्र हमें केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं, बल्कि अपार धैर्य, अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा का मार्ग दिखाता है।
साध्वी जी ने विस्तार से बताया कि:
- हनुमान जी का संपूर्ण जीवन ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का उदाहरण है।
- उनके प्रसंग हमें कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
- सच्ची भक्ति वही है जो मनुष्य के भीतर सेवा भाव और करुणा जागृत करे।
भजन-कीर्तन से हुआ आध्यात्मिक आनंद का संचार
प्रवचनों के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने वातावरण को और भी अधिक आध्यात्मिक बना दिया। ढोलक और झांझ की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा श्रवण के लिए आए भक्तों ने बताया कि साध्वी जी की सरल और स्पष्ट शैली ने उन्हें कथा के मूल भाव से जोड़े रखा।
4 अप्रैल तक बहेगी भक्ति की सरिता
कार्यक्रम के आयोजक राजेंद्र धाधीच ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष कथा 2 अप्रैल से 4 अप्रैल 2026 तक चलेगी। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
धाधीच ने धर्मप्रेमी जनता से अपील करते हुए कहा कि आगामी दो दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस पावन कथा रूपी अमृत का पान करें और अपने जीवन को कृतार्थ करें। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आयोजन समिति के कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
