रिपोर्ट| नरेश गुनानी
जयपुर, 20 दिसंबर। गुलाबी नगरी के जवाहर कला केंद्र (JKK) स्थित शिल्पग्राम में इन दिनों ‘सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025’ की धूम मची हुई है। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) द्वारा आयोजित इस मेले में शनिवार को अवकाश का दिन होने के कारण भारी भीड़ उमड़ी। जयपुरवासियों ने परिवार और मित्रों के साथ हस्तशिल्प, कला और लजीज व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया।

लाइव डेमो: कला को जीवंत होते देख रहे आगंतुक
इस वर्ष मेले की सबसे बड़ी विशेषता ‘लाइव डेमो’ सत्र हैं। यहाँ आगंतुक केवल उत्पाद खरीद ही नहीं रहे, बल्कि उन्हें बनते हुए भी देख रहे हैं।
- अलवर के कारीगर: लाख की चूड़ियाँ और ब्लैक पॉटरी का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं।
- झुंझुनूं के कलाकार: लिप्पन कला और क्रोशिया एक्सेसरीज़ की बारीकियां सिखा रहे हैं।
- जयपुर व चूरू के शिल्पकार: अगरबत्ती निर्माण और ‘टाई एंड डाई’ (बंधेज) के मनमोहक नमूनों को दर्शकों के सामने साकार कर रहे हैं।
कस्टमाइज़ेशन ज़ोन: आपकी पसंद, कारीगर का हाथ
मेले में पहली बार कस्टमाइज़ेशन ज़ोन की सुविधा दी गई है, जो युवाओं और उपहार देने वालों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही है। यहाँ कुशल कारीगर मौके पर ही आपकी पसंद के अनुसार उत्पाद तैयार कर रहे हैं:
- रेज़िन की-चेन और लकड़ी के बॉक्स पर नाम लिखवाना।
- कपड़ों और स्कार्फ पर मनपसंद एम्ब्रॉयडरी या पैटर्न बनवाना।
- पेंट की हुई कलाकृतियाँ, कोस्टर और ट्रे को अपने पसंदीदा रंगों में कस्टमाइज़ कराना।
‘ड्रेस ड्रेप क्लिक’: सांस्कृतिक विविधता का अनुभव
मेले का स्टाइल स्टूडियो स्टॉल (ड्रेस ड्रेप क्लिक) फोटो प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है। यहाँ आगंतुक राजस्थानी, गुजराती, मराठी और पहाड़ी जैसी विभिन्न क्षेत्रीय पारंपरिक पोशाकें पहनकर फोटो खिंचवा रहे हैं। पारंपरिक गहने, पगड़ी और ओढ़नी के साथ एथनिक लुक को पूरा करने के लिए यहाँ विशेष सेटअप और इंस्टेंट फोटो कॉर्नर की सुविधा भी उपलब्ध है।
स्वाद और सशक्तिकरण का संगम
मेले के फ़ूड कोर्ट में देशभर के क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद चखने को मिल रहा है। स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि यह मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त मंच भी है।
विशेष नोट: मेले में चल रहे लकी ड्रा को लेकर खरीदारों में भारी उत्साह है और विजेताओं को मौके पर पुरस्कृत भी किया जा रहा है।
आयोजन की अवधि: यह मेला 4 जनवरी 2026 तक जवाहर कला केंद्र में प्रतिदिन दर्शकों के लिए खुला रहेगा।

