अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ने जारी किए निषेधाज्ञा के आदेश, 15 अगस्त से 13 अक्टूबर तक प्रभावी रहेंगी पाबंदियां
गौरव कोचर
जयपुर। राजधानी जयपुर के अति-संवेदनशील एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था, लोक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ललित किशोर शर्मा द्वारा जारी यह आदेश 15 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से आगामी 13 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।
आदेश जारी करने का कारण
पुलिस प्रशासन के अनुसार, राजस्थान सचिवालय, राजस्थान विधानसभा और सिविल लाइंस क्षेत्र में आए दिन विभिन्न राजनीतिक दलों, कर्मचारी संगठनों, औद्योगिक व व्यावसायिक यूनियनों तथा छात्र संगठनों द्वारा धरने, प्रदर्शन, सभाएं और जुलूस आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के दौरान उत्तेजक नारों व भाषणों से कानून-व्यवस्था बिगड़ने, आमजन के जान-माल की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होने तथा यातायात व सामान्य कामकाज बाधित होने की आशंका बनी रहती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल निवारक कदम उठाते हुए यह एकपक्षीय आदेश पारित किया गया है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में लागू रहेंगे प्रतिबंध
निषेधाज्ञा निम्नलिखित क्षेत्रों, मार्गों, सड़कों एवं फुटपाथों पर पूरी तरह लागू रहेगी:
- विधानसभा क्षेत्र: स्टेच्यू सर्किल से राजस्थान विधानसभा तक का जनपथ एवं विधानसभा भवन के चारों तरफ का संपूर्ण क्षेत्र।
- सचिवालय क्षेत्र: राजस्थान सचिवालय परिसर के चारों ओर का क्षेत्र तथा सचिवालय के पीछे अशोक नगर थाना से तिलक मार्ग होते हुए वानिकी पथ व सहदेव मार्ग तक।
- सिविल लाइंस एवं राजभवन क्षेत्र: सिविल लाइंस रेलवे क्रॉसिंग से राजभवन सर्किल तक, राजभवन सर्किल से राममंदिर सर्किल होते हुए हवा सड़क (रामनगर चौराहा) तक, एवं राजभवन सर्किल से अजमेर रोड टी-पॉइंट होते हुए नाटाणियों का चौराहा, अजमेर रोड तथा सिविल लाइंस रेलवे क्रॉसिंग पानी की टंकी तक का क्षेत्र।
प्रमुख पाबंदियां एवं नियम
आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्रों में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी:
- समूह में एकत्र होने पर रोक: 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एकत्र नहीं हो सकेंगे। किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस, रैली, आमसभा, धरना, पिकेटिंग अथवा मार्ग अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं होगी।
- नारेबाजी व लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध: कोई भी व्यक्ति इन क्षेत्रों में भड़काऊ या किसी भी प्रकार के नारे नहीं लगाएगा और न ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर/साउंड सिस्टम) का प्रयोग करेगा।
- हथियार व घातक वस्तुएं ले जाने पर मनाही: किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, लाठी, डंडा, हॉकी, पत्थर, ईंट या अन्य घातक वस्तु लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- अवांछित तत्वों को आश्रय नहीं: कोई भी व्यक्ति इन क्षेत्रों में अवांछित तत्वों, अजनबियों व उपद्रवियों को शरण या आश्रय नहीं देगा।
छूट एवं विशेष प्रावधान
- ड्यूटीरत कार्मिक: यह आदेश अपने राजकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आवश्यक सेवाओं में तैनात पुलिसकर्मियों (जिन्हें कार्यहित में शस्त्र रखना आवश्यक है) पर लागू नहीं होगा।
- ज्ञापन देने हेतु शिष्टमंडल: यदि कोई शिष्टमंडल राज्यपाल को ज्ञापन देना चाहता है, तो राज्यपाल की विधिवत अनुमति व स्वीकृति के बाद अधिकतम 4 व्यक्तियों का प्रतिनिधिमंडल निर्धारित नियमों की पालना करते हुए ज्ञापन सौंप सकेगा।
उल्लंघन करने पर BNS की धारा 223 के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस आदेश को जनसाधारण की जानकारी हेतु पुलिस उपायुक्त कार्यालय, संबंधित थानों के नोटिस बोर्ड, ध्वनि विस्तारक यंत्रों एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है।