गौरव कोचर
राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेश में महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष राज्य स्तरीय अभियान चलाया जा रहा है। महानिदेशक पुलिस, राजस्थान, राजीव शर्मा (IPS) की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत आज जयपुर के जवाहर नगर स्थित राजकीय सरस्वती बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय (सैक्टर 02) में एक वृहद जागरूकता और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय की करीब 300 छात्राओं ने भाग लिया और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की लाइव जानकारी ली।
महानिदेशक की पहल पर राज्य स्तरीय अभियान
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व, रंजीता शर्मा (IPS) ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि महानिदेशक पुलिस, राजीव शर्मा (IPS) के निर्देशन में महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और राजस्थान पुलिस द्वारा किए जा रहे उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 11 मई 2026 से रेंज के जिला मुख्यालयों और अन्य चयनित जिलों में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
जयपुर आयुक्तालय (कमिश्ररेट) में इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए लता मनोज कुमार (IPS), अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स, पुलिस मुख्यालय) एवं पुलिस आयुक्त, सचिन मित्तल (IPS) द्वारा दिशा-निर्देश दिए गए। जयपुर पूर्व जिले में इस पूरे अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व, आलोक सिंघल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विद्यालय में छात्राओं से संवाद और दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां
आज (15 मई 2026) को जवाहर नगर स्थित विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अगुवाई सहायक पुलिस आयुक्त (आदर्श नगर, जयपुर पूर्व) लक्ष्मी सुथार द्वारा की गई। जवाहर नगर थानाधिकारी और पुलिस निरीक्षक सरला यादव के नेतृत्व में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और थाने की महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ सीधा और जीवंत संवाद स्थापित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से जागरूक किया गया:
- गुड टच-बैड टच और पोक्सो (POCSO) एक्ट: बालिकाओं को अपने आस-पास होने वाले किसी भी दुर्व्यवहार को पहचानने और उसके खिलाफ आवाज उठाने की सीख दी गई।
- आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर्स: महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित ‘महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090’ की उपयोगिता बताई गई।
- साइबर सेफ्टी और हेल्पलाइन: डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के तरीके (Do’s & Don’ts) समझाए गए और ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम की स्थिति में तुरंत ‘साइबर हेल्पलाइन 1930’ पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।
- डिजिटल सुरक्षा: राजस्थान पुलिस के आधिकारिक ‘राजकॉप सिटीजन एप’ (RajCop Citizen App) के फीचर्स और उसे इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया।
- कानूनी अधिकार व दंड: महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनों, उनके अधिकारों और महिला अपराधों में दोषियों को मिलने वाले कड़े कानूनी दंड के बारे में अवगत कराया गया।
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने साझा किए सेल्फ डिफेंस के गुर
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राजस्थान पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट रही। आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त इस विशेष यूनिट की महिला कमांडोज ने छात्राओं से सीधे बात की और उन्हें ‘महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना’ के बारे में बताया। टीम ने बच्चियों को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा खुद करने (सेल्फ डिफेंस) के गुर सिखाए और उनसे फीडबैक भी लिया।
इसके साथ ही, महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और जमीनी स्तर पर काम कर रही ‘महिला बीट अधिकारी योजना’ के बारे में विस्तार से समझाया, ताकि छात्राएं बिना किसी झिझक के अपनी शिकायतें या समस्याएं स्थानीय पुलिस तक पहुंचा सकें।