जयपुर: राइजिंग राजस्थान के निवेश प्रस्तावों को पंख, 33 हजार करोड़ के एमओयू पर काम शुरू

सुनील शर्मा 

जयपुर | 10 अप्रैल, 2026

​मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को साकार करते हुए जयपुर जिला प्रशासन ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया में तेजी ला दी है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर संदेश नायक ने ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत हुए समझौतों की प्रगति जांची और अधिकारियों को निवेशकों की राह आसान करने के सख्त निर्देश दिए।

​निवेश की वर्तमान स्थिति: एक नजर में

​बैठक के दौरान साझा किए गए आंकड़े बताते हैं कि जयपुर जिले में औद्योगिक विकास की गति उम्मीद से बेहतर है। वर्तमान में निवेश की स्थिति इस प्रकार है:

श्रेणी

संख्या

निवेश राशि (करोड़ रुपये में)

कुल निष्पादित एमओयू

187

33,698.21

धरातल पर शुरू कार्य

30

2,965.88

सरकारी स्तर पर लंबित

28

3,139.65

निवेशक स्तर पर लंबित

129

27,592.68

प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने पर जोर

​जिला कलक्टर संदेश नायक ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के समावेशी विकास के लिए निवेश प्रस्तावों का समय पर क्रियान्वयन अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निवेशकों को किसी भी टेबल पर चक्कर न लगाने पड़ें।

  • त्वरित समाधान: सरकारी स्तर पर लंबित 28 प्रोजेक्ट्स को लेकर कलक्टर ने संबंधित विभागों को प्रक्रियात्मक देरी खत्म करने के निर्देश दिए।
  • सक्रिय समन्वय: सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निवेशकों के साथ सीधा संवाद रखें और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करें।
  • जवाबदेही तय: कलक्टर ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​निवेशकों के साथ सीधा संवाद

​बैठक की खास बात यह रही कि इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निवेशक भी जुड़े। निवेशकों ने अपनी परियोजनाओं में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों को साझा किया। जिला प्रशासन की ‘सॉल्यूशन-ओरिएंटेड’ कार्यशैली की सराहना करते हुए निवेशकों ने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

​रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

​बैठक के अंत में संदेश नायक ने बताया कि इन निवेश परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल जयपुर के औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव आएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

​बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

​समीक्षा बैठक में प्रशासन और उद्योग जगत के प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिनमें शामिल थे:

  • ​अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) विनीता सिंह
  • ​संयुक्त आयुक्त जिला उद्योग केंद्र (ग्रामीण) सुभाष शर्मा
  • ​उपखण्ड अधिकारी जयपुर शहर दक्षिण अरुण कुमार शर्मा
  • ​उपायुक्त उद्योग मधुमाला
  • ​सहायक आयुक्त उद्योग हिमांशु जोशी
  • ​उपनिदेशक पर्यटन उपेंद्र सिंह शेखावत
  • ​उपायुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण दिग्गज चांगल

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