चालक सम्मान दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी भर में संचालित हुआ विशेष ‘ड्राइवर डिग्निटी डे’ अभियान।
स्कूल-कॉलेज, रीको क्षेत्र, बस स्टैंड से लेकर प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों तक पुलिस टीमों ने चालकों से सीधे जुड़कर बढ़ाया उनका मनोबल।
ऑटो, ई-रिक्शा, ट्रक, बस से लेकर डिलीवरी राइडर्स तक को किया गया शामिल; संयमित व्यवहार, लेन अनुशासन और सुरक्षित ड्राइविंग का दिया संदेश।
गौरव कोचर
जयपुर, 17 सितंबर। राजधानी की सड़कों को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से चालक सम्मान दिवस के अवसर पर जयपुर यातायात पुलिस द्वारा ‘ड्राइवर डिग्निटी डे’ (चालक गरिमा दिवस) जागरूकता एवं सम्मान अभियान का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया। इस राज्य स्तरीय पहल का मुख्य उद्देश्य चालकों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना, उनके आत्मसम्मान को बढ़ावा देना तथा सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात व्यवहार को प्रोत्साहित करना है। अभियान के तहत पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने पूरे शहर में अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर लगभग 10 हजार वाहन चालकों से सीधा संवाद स्थापित किया।

यह अभियान महानिदेशक यातायात राजस्थान मालिनी अग्रवाल के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात एवं प्रशासन) प्रदीप मोहन शर्मा, पुलिस उपायुक्त यातायात योगेश गोयल तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुनीता मीणा के निर्देशन में संचालित किया गया। फील्ड स्तर पर यातायात पुलिस के सभी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्तों, सहायक पुलिस आयुक्तों और यातायात निरीक्षकों ने मोर्चा संभालते हुए इस अभियान को गति दी।
स्कूल-कॉलेज से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक सीधा संवाद
अभियान के तहत यातायात पुलिस की टीमों ने शहर के प्रमुख शैक्षणिक, औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों में संवाद शिविर लगाए। टीमों ने सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, टीपी नगर, अजमेर रोड, 200 फीट बाईपास, मानसरोवर, गोनेर रोड, सिंधी कैंप बस स्टैंड, बड़ी चौपड़, प्रमुख कॉलेज-स्कूल परिसरों और राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रवेश मार्गों पर चालकों से सीधा संपर्क किया। संवाद के दौरान चालकों को यह अहसास कराया गया कि वे शहर की गतिशीलता की रीढ़ हैं और सड़क सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी हैं।

ऑटो, बस से लेकर डिलीवरी राइडर्स तक की व्यापक भागीदारी
‘ड्राइवर डिग्निटी डे’ के दायरे में यातायात के हर छोटे-बड़े माध्यम से जुड़े चालकों को शामिल किया गया:
- ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा, कैब व ऐप आधारित टैक्सी चालक।
- रोडवेज, जेसीटीएसएल सिटी बस एवं निजी यात्री बसों के चालक।
- ट्रक, भारी मालवाहक और बड़े कंटेनर चालक।
- स्कूली बच्चों को ले जाने वाले स्कूल बस व वैन चालक तथा आपातकालीन एम्बुलेंस चालक।
- ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी, कूरियर सेवाओं के डिलीवरी राइडर्स और सामान्य दोपहिया वाहन चालक।
- निजी, राजकीय एवं निर्माण कार्यों में लगे वाहनों के चालक।
“सड़क पर जल्दबाजी नहीं, संयम और सहयोग जरूरी”
संवाद सत्रों के दौरान यातायात पुलिस अधिकारियों ने चालकों से अपील की कि वाहन चलाते समय प्रतिस्पर्धा और आक्रामकता के बजाय संयम, शिष्टता और सहयोग की भावना रखें। चालकों को तेज गति, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने, रेड लाइट जंप करने, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल और खतरनाक स्टंट जैसी आदतों से दूर रहने की सख्त हिदायत और समझाइश दी गई।
विशेष रूप से पैदल यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को पहले सुरक्षित रास्ता देने की नसीहत दी गई। साथी चालकों से किसी भी प्रकार के अनावश्यक विवाद या अभद्र भाषा के प्रयोग से बचने की अपील करते हुए सहयोगात्मक ड्राइविंग संस्कृति अपनाने पर जोर दिया गया।
श्रेणीवार तय किए गए सुरक्षा और व्यवहार मानक
यातायात पुलिस ने अलग-अलग श्रेणी के चालकों के लिए बिंदुवार दिशा-निर्देश तय किए:
- भारी वाहन चालक: अनिवार्य लेन अनुशासन का पालन करें, गति सीमा में रहें और लंबी दूरी की यात्रा में थकान होने पर तय समय पर विश्राम लें।
- सार्वजनिक परिवहन चालक: यात्रियों और पर्यटकों से सम्मानजनक व शालीन व्यवहार करें तथा वाहनों में लगे आपातकालीन और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करें।
- स्कूल व एम्बुलेंस चालक: स्कूल वाहन चालक बच्चों की सुरक्षा और एम्बुलेंस चालक मरीजों के बहुमूल्य जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
- डिलीवरी व दोपहिया राइडर्स: अनिवार्य रूप से आईएसआई मानक का हेलमेट पहनें, वाहन चलाते समय कॉल अटेंड न करें और पिकअप या डिलीवरी के समय गाड़ी को सुरक्षित पार्किंग में ही खड़ी करें।
चालकों ने ली ‘ड्राइवर डिग्निटी’ की शपथ
कार्यक्रम के दौरान चालकों को सड़क सुरक्षा और अन्य उपयोगकर्ताओं के सम्मान के लिए ‘ड्राइवर डिग्निटी शपथ’ दिलाई गई। चालकों ने संकल्प लिया कि वे सड़क पर हर नागरिक की सुरक्षा और गरिमा का सम्मान करेंगे, आक्रामक ड्राइविंग से बचेंगे और यातायात नियमों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करेंगे।
जयपुर यातायात पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था में चालक महज एक ऑपरेटर नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण साझीदार हैं। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की कि वे चालकों के परिश्रम का सम्मान करें और एक सुरक्षित, सुगम व संवेदनशील यातायात व्यवस्था के निर्माण में सहयोग दें।