जयपुर मेडिकल एसोसिएशन का सीपीआर-एईडी प्रशिक्षण: जीवन बचाने की कला सिखाई
जयपुर, 3 सितम्बर।
“जान बचाना ही सबसे बड़ा मानवीय धर्म है और जब आप किसी की जान बचाते हैं, तो आपको उस व्यक्ति से भी ज्यादा खुशी होती है जिसकी जिंदगी बचाई जाती है।” – इसी संदेश को केंद्र में रखते हुए जयपुर मेडिकल एसोसिएशन ने मंगलवार को सेंट्रल पार्क में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और एईडी (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में 570 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रसिद्ध सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. वीके जैन ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए सीपीआर और एईडी के सही प्रयोग का प्रशिक्षण दिया।
जयपुर मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जगदीश मोदी ने डॉ. जैन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की पहल समाज को सुरक्षित और संवेदनशील बनाने में अत्यंत उपयोगी है।
सीपीआर सीखना क्यों है महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनुराग तोमर ने सीपीआर प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा –
“यदि कोई व्यक्ति सीपीआर सीखता है और अपने जीवनकाल में कम से कम एक जीवन भी बचाता है, तो उसका जीवन सार्थक हो जाता है। उस व्यक्ति को जान बचाने के बाद जो संतोष और खुशी मिलती है, वह शब्दों में बयान करना संभव नहीं।”
उद्देश्य और आगे की योजना
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आमजन को हृदय संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने योग्य बनाना था।
जयपुर मेडिकल एसोसिएशन ने आश्वस्त किया कि समाज के कल्याण हेतु ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग जीवन रक्षक तकनीकें सीखकर जरूरतमंद की मदद कर सकें।