| लोकेंद्र सिंह शेखावत
5 पुस्तकों का विमोचन और 200 विभूतियों का सम्मान; साहित्य, कला और संगीत की त्रिवेणी से महकी गुलाबी नगरी
जयपुर। गुलाबी नगरी के साहित्यिक पटल पर रविवार को ‘संत मीराबाई सा नव उदय साहित्य, गायन, नृत्य व कला सम्मान 2025’ का भव्य आयोजन किया गया। भक्ति और कला को समर्पित इस गरिमामयी समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन नव उदय प्रकाशन (ग्वालियर, मध्य प्रदेश) की डायरेक्टर ऋतु अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
साहित्यिक संगम: 5 पुस्तकों का हुआ विमोचन
समारोह के दौरान साहित्य जगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब मंच पर पांच नवीन पुस्तकों का विमोचन किया गया। अतिथियों ने लेखकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समकालीन साहित्य में इस तरह के प्रकाशन नई चेतना का संचार करते हैं।
कला और संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में संगीत और नृत्य की अद्भुत छटा देखने को मिली:
- गायन: 10 कलाकारों ने अपनी सुरीली गायन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- नृत्य: 5 शास्त्रीय एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह में रंग भर दिए।
- काव्य पाठ: प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने 85 काव्य पाठ किए, जिसमें श्रृंगार, वीर रस और भक्ति भाव की प्रधानता रही।
200 प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान
समारोह का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा, जिसमें साहित्य, कला, संगीत और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 200 हस्तियों को सम्मानित किया गया। ऋतु अग्रवाल ने बताया कि इस सम्मान का उद्देश्य उन छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है जो अपनी कला और लेखनी से समाज को नई दिशा दे रहे हैं।
सफलतापूर्वक संपन्न हुआ आयोजन
डायरेक्टर ऋतु अग्रवाल ने सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर से जयपुर तक का यह सफर साहित्य और कला के सेतु को मजबूत करने की एक कोशिश है। समारोह के अंत में अतिथियों ने आयोजकों को इस सफल और व्यवस्थित कार्यक्रम के लिए बधाई दी।